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मंगलवार, 26 फ़रवरी 2008

अमां, ये कोई रेकोर्ड हुआ ! (व्यंग्य )

देखिये तो कैसा ज़माना आ गया है लोग रेकोर्ड बनाने और उसे तोड़ने के लिए कैसे कैसे पग्लाने वाले काम कर रहे हैं। कोई पानी के अन्दर जा कर शादी कर रहा तो कोई हेलिकोप्टर में उड़ते हुए शादी कर रहा है। कोई इनसे ये पूछे की भैया क्या पानी के अन्दर शादी करने से तुम्हारे बच्चे कछूवे की तरह मजबूत और ढीठ होंगे या की हवा में शादी करने से बच्चे उड़न तश्तरी पैदा होंगे, कहिर छोडिये इनको ये कहाँ सुधरने वाले हैं। अपने यहाँ भी कम खर्चे वाले रेकोर्ड बनाने की होड़ लगी रहती है , कोई मूंछ बढ़ा रहा है तो कोई पुँछ। कल यानि २५ फरवरी को इंदौर में ३२ हज़ार छः सौ इक्कीस लोगों ने एक साथ जमा होकर चाय पीकर , सबसे बड़ी चाय पारी का गिनीज रेकोर्ड बानाया। अजी लानत है , ये भी कोई रेकोर्ड हुआ, नित्थल्ले से खड़े हो कर सिर्फ़ चाय पी ली और रेकोर्ड बना लिया।

इससे अच्छा तो ये होता की हमारे आईडिया से काम लेकर ऐसे धाँसू रेकोर्ड बना लेते । आप भी गौर फरमाएं:-

१। पहला रेकोर्ड ऐसा बनाया जा सकता था की देश के सभी चावान्ने छाप , नीम हकीम अपनी काबिलियत से ३२ हज़ार छ सौ इक्कीस लोगों की किदनियाँ निकाल लेते , किद्नीयाँ ही क्यों सारे निकाले जा सकने वाले अंग , या कहें पार्ट-पुर्जे निकाल लेते। फायेदे का फायदा और रेकोर्ड का रेकोर्ड।

२। एक ही दिन पूरे देश में एक साथ ३२ हज़ार छ सौ इक्कीस किसान आत्म हत्या करते, वैसे तो वे अलग अलग ये काम कर ही रहे हैं तो फिर क्यों ना रेकोर्ड के लिए करें।

३। देश में हमारी कुशल दोक्तार्नियाँ क्यों पीछे रहे , जब डॉक्टर कुछ नया कर रहे हैं , तो उन्हें भी कन्या भ्रूण हत्या का एक राष्ट्रीय अभियान चला कर एक ही दिन में वही ३२ हज़ार छू सौ इक्कीस भ्रूण हत्या कर देनी चाहिए।

४। अजी ताजा ताजा रेकोर्ड तो इस बात का भी बनाया जा सकता है की मुम्बई से एक ही दिन ३२ हज़ार छे सौ इक्कीस बिहारियों को बाहर कर दिया जाए। अजी अब उनके जरूरत भी कहाँ है कम से कम जाते जाते एक रेकोर्ड तो बना ही सकते हैं।

५। अपना ब्लॉग जगत ही क्यों पीछे रहे , अब जबकि ब्लॉग जगत के विभ्भिन्न मोहल्लों , गलियों और कस्बों में नुक्ताचीनी , छेताकंशी, आरोप आदि का दौर चल रहा है तो क्यों ना एक ही दिन सब मिल कर एक साथ आपस में एस छेछालेदारी कर के कुल ३२ हज़ार छे सौ इक्कीस बार यही पोस्ट करते रहे।

६। एक आखिरी रेकोर्ड ऐसा भी हो सकता है की किसी एक ब्लॉग पर जाकर कुल ३२ हज़ार छे सौ इक्कीस बार तिप्प्न्नियाँ कर दी जाएँ ताकि वो खुशी के मारे कोमा में चला जाए ।

कहिये क्या ख्याल है , आपके पास भी तो रेकोर्ड बनाने के अनोखे आईडिया होंगे तो बताइये ना......

6 टिप्‍पणियां:

  1. गजब के आईडिया है आपके पास। :)

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  2. इस ६ वें आईडिये में अगर मैं कुछ मदद आ सकूँ तो बताईयेगा जरुर. :)

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  3. aap dono kaa dhanyavaad idea pasand karne kaa. udantashtaree jee neki aur poochh poochh magar sawaal ye hai ki komaa mein bhejaa kise jaaye.

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  4. बहुत धांसू आइडिये हैं आपके। और उसी के अनुरूप कलम में धार भी। इसे संभाल कर रखिएगा, आपको बहुत दूर तक ले जाएगी।

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  5. aap dono kaa dhanyavaad. padhne ke liye bhee aur saraahne ke liye bhee.

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मैंने तो जो कहना था कह दिया...और अब बारी आपकी है..जो भी लगे..बिलकुल स्पष्ट कहिये ..मैं आपको भी पढ़ना चाहता हूँ......और अपने लिखे को जानने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं से बेहतर और क्या हो सकता है भला

साथ चलने वाले

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