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मंगलवार, 13 अप्रैल 2010

एलेक्सा ने मुझे मना कर दिया रैंकिग देने से .......

हम तो जोरदार नंबर लेने के लिए पहुंचे थे


समाचार तंत्र बार बार दिखा सुना रहे हैं कि इस साल गर्मी बहुत ज्यादा पडने वाली है पडने क्या वाली है , पड ही रही है । और इसका प्रभाव सिर्फ़ बाहरी जीवन में ही नहीं पड रहा है ..इस बढते हुए तापमान का असर तो इन दिनों हिंदी ब्लोग्गिंग में भी पडता दिख रहा है ( देखिए एक तो जैसे ही मैं ब्लोग्गिंग के साथ हिंदी को जोड देता हूं कईयों के कलेजे पर सांप लोटने लगते हैं ) उनका कहना ये है कि मैं बार बार हिंदी ब्लोग्गिंग हिंदी ब्लोग्गिंग ही क्यों करता जपता रहता हूं । मैं भी क्या करूं जी ...मजबूर हूं ...आखिर आज तक मेरी पोस्ट पर किसी चीनी, जापानी , फ़्रांसीसी ने टीप दी है क्या । हां अंग्रेजी में आती रहती हैं कभी कभार ...तो एक पल को लगा कि या तो जरूर सीधा इंगलैंड से ही कोई पाठक होगा या फ़िर जरूर कोई भारतीय मूल की विदेशी अभिनेत्री होंगी जो अभी हिंदी सीख रही होंगी ..इसलिए तब तक अंग्रेजी में टीपती होंगी ....मगर सारी खुशी काफ़ूर हो जाती है कि वे तो अगली गली में रहने वाला /वाली को ब्लोग्गर निकली । कुल जमा जोड एक ही एलियन हैं जो पोस्ट पर लैंड होते हैं ..मगर वो खुद ही हिंदी ब्लोग्गिंग हिंदी ब्लोग्गिंग कहते हैं ..फ़िर मैं तो निरा इंसान ठहरा ..तो मैं क्यों न कहूं हिंदी ब्लोग्गिंग हिंदी ब्लोग्गिंग । खैर आज मुद्दे की बात ये नहीं है , आज तो बात बहुत ही गंभीर है ..। अभी कुछ दिनों पहले ही एलेक्सा रैंकिंग को लेकर जानकारी देने वाली एक पोस्ट पढी थी । हमें भी जिज्ञासा हो ही गई ..यार ये जिज्ञासा हमेशा ऐसे मौकों पर फ़ट से कैसे जाग जाती है पता नहीं । हमने भी ठान ही ली की अब जो हो अब तो हम भी रैंकिंग हासिल कर ही लेंगे ।

 अगले ही दिन हम भी नहा धो कर तैयार हो कर निकल पडे अलेक्सा रैंकिंग पाने । मगर अलेक्सा कौन सा हमारी मामू की सहेली थी जो हम धडधडाते हुए उनके पास पहुंच जाते हमने तो आज तक उनको देखा भी नहीं था । समस्या बडी ही विकट हो गई थी । सो सोचा ये गया कि जिन्हें जिन्हें ये अलेक्सा रैंकिंग मिली हुई है उनसे ही पूछा जाए । सब के सब पक्के दोस्त निकले ...जैसे आजकल कुछ मित्र बस प्रतीक्षा में रहते हैं कि कब हम कहें कि अब तो बहुत थक से गए हैं ब्लोग्गिंग करते करते ..वो कहेंगे कि ..शुभकामनाएं हैं जी ....ब्लोगजगत आपको हमेशा याद रखेगा । अलविदा । हाय री ऐसी मित्रता ..न छूटते बनता  है न ही टूटते बनता है । खैर जैसे तैसे हमने भी गूगल बाबा, ब्लोग्गर बाबा और भी जितने बाबा आजकल पुलिस से बच गए थे उन सबसे जुगाड करके अलेक्सा का सही पता ठिकाना मालूम कर ही लिया ।

  दफ़्तर में पहुंचे तो देखा कि , वहां तो एक लाईन से बहुत सारी मैडम बैठी हुई थीं । और सत्यानाश ये कि सब रैंकिंग बांट रही थीं ..लंबी लंबी लाईन लगी हुई थी । हम फ़ंस गए फ़ेर में गज़ब हो गया । अब यदि किसी और लाईन में लग गए और अलेक्सा की जगह ....मोनिस्का या ...सानिक्सा जैसी कोई रैंकिंग मिल गई तो सारी मेहनत बेकार जाएगी । हमने भी अनुमान से अंदाज़ा लगाया कि हो न हो ये सुनहरे बालों वाली ही अलेक्सा होंगी ।

देखिए , सुनिए, हमें आपकी रैंकिंग चाहिए ...मतलब अलेक्सा रैंकिंग । सुना आपने पिछले दिनों ही बहुत बांटी हैं । मैं तो जी बस धडाधड पोस्ट लिखने, टीपने , और जो फ़िर भी समय बच गया तो चर्चा ठूंसने में लगा रहता हूं ..आजकल खूब उठापटक चल रही है सो ओवर टाईम भी कर लेता हूं । इन सबके बीच एक गरीब की रैंकिंग का हक मारा जाए तो क्या ये अन्याय नहीं होगा ? आप तो कितने  अच्छे हृदय वाली लगती हैं ..मुझे भी दें आप ये रैंकिंग ।

उन्होंने धैर्यपूर्वक सुनने के बाद कहा , " ठीक है वैसे भी मैं शक्ल देख कर थोडी देती हूं ये रैंकिंग ...नहीं तो आप तो लाईन में भी लगने लायक नहीं लग रहे हैं । चलिए अपनी ब्लोग्गिंग के बारे में कुछ बातें बताईये , फ़िर मैं सोचती हूं कि क्या किया जा सकता है ??

मैंने फ़ौरन सोचा कि ओह आज मौका मिल ही गया । वैसे तो हमारा साक्षात्कार , सत्कार , और जितने भी अच्छे बुरे कार हैं न ( अब आप सब सीधा वो चतुर रामलिंगम वाला चमत्कार  और ...त्कार मत लगा लेना ) वो कोई लेता देता नहीं , तो आज खुद ही शुरू हो जाते हैं । यहां कौन सा कोई दूसरा प्रतिद्वंदी बैठा है जो हमारी बात काटेगा ।

अलेक्सा जी अब अपने मुंह से क्या कहें ..........हें हें हें ...हम पिछले ढाई बरस से घुसे हुए हैं जी इस दुनिया में । पिछले बरस तो डिब्बा (लैपटौप ) भी घर ले आए ताकि लैप में न सही टौप में तो आ ही जाएं । टौप में तो क्या खाक आते , पहले तो सारे लफ़डों झगडों का पता ही नहीं चलता । अब मरे कम्बख्त आंखें बंद करके भी ब्लोग्स को पढता हूं तो तापमान से ही सब पता चल जाता है । टिप्पणी भी करता फ़िरता हूं , और तो और अलेक्सा जी मैंने अपनी जेबखर्ची से ब्लोग्गर मीट भी करवाई । सुना कि इससे सोशल रिलेशन बनते हैं , आखिर इसी के लिए तो हम ब्लोग्गिंग करते हैं ..बस इसी के लिए करते हैं , ऐसा मुझे बताया है किसी ने । मगर सुनने को मिला कि पता नहीं इसके घर का खर्चा कौन चलाता है । बताईये अलेक्सा जी , इत्ती कुर्बानियां दी हैं । और सुनिए .पपलू की तरह कहीं भी फ़िट हो जाते हैं या कर दिये जाते हैं । और अपने मुंह से क्या क्या तारीफ़ करें ..लोग बाग कर रहे हैं आजकल एक दूसरे की जम कर खातिरदारी । ऐसी बात थोडी है कि हमारा कोई दोस्त नहीं है । बस अब तो आप रैंकिंग दे ही डालो ...हमें । हमें भी तो कुछ कमाई धमाई हो ..हम भी तो लाखों करोडों के वारे न्यारे करें । क्यों क्या कहती हो आप ?

"चल निकल यहां से ..कोई दूसरा ...............देख ." अबे तुझे ये तक तो पता नहीं कि इस रैंकिंग से कोई कमाई धमाई नहीं होती , बडा आया रैंकिंग वाला । और उसने मुझे भावभीनी विदाई देते हुए ..मेरे पिछवाडे ऐसी लात जमाई कि ...मैं बस बेहोश हो गया ..और बेहोशी में ही सारा हाल आप सबसे कह डाला ॥

मैडम अलेक्सा लात जमाते हुए

21 टिप्‍पणियां:

  1. कर गए न गलती। अलेक्सा कोई जाने और मांगने से मिलती है. बस अपना नंबर लगा देते डिब्बे से वह अपने आप ही चली आती।

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  2. अलेक्सा जी अब अपने मुंह से क्या कहें ..........हें हें हें ...हम पिछले ढाई बरस से घुसे हुए हैं जी इस दुनिया में । पिछले बरस तो डिब्बा (लैपटौप ) भी घर ले आए ताकि लैप में न सही टौप में तो आ ही जाएं । टौप में तो क्या खाक आते , पहले तो सारे लफ़डों झगडों का पता ही नहीं चलता । अब मरे कम्बख्त आंखें बंद करके भी ब्लोग्स को पढता हूं तो तापमान से ही सब पता चल जाता


    हा हा हा ....बहुत बढ़िया....

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  3. अजयजी अलेक्सा के चक्कर में क्यों पड़े हैं। हिन्दी ब्लॉगिंग का कोई मुकाबला है क्या।

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  4. अलेक्‍सा नारी जाति का प्रतिनिधित्‍व करती है और नारी जाति से ........... नारी ब्‍लॉगरों से .......... कुछ खास ....... मोह है आपका ......... और उनका .......... फिर भी आप चले गए ........... रेंकिंग लेने .......... मतलब किंग बनने ....... कैसे बनते ....... पॉसीबल नॉट ....... अजय भाई

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  5. अलेक्सा --ये तो एक्स्ट्रा मेराइतल अफेयर जैसा लगता है।
    राम, राम, राम !

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  6. भैया मेरे क्यों पड़े हो चक्कर में ........... कोई नहीं है टक्कर में !
    और सुनाओ क्या हाल है ?
    ब्लॉग का लुक बढ़िया लगा साथ साथ आपका cartoon भी !

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  7. यह एलेक्सा सच में खतरनाक चीज है !!!

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  8. जैसे आजकल कुछ मित्र बस प्रतीक्षा में रहते हैं कि कब हम कहें कि अब तो बहुत थक से गए हैं ब्लोग्गिंग करते करते ..वो कहेंगे कि ..शुभकामनाएं हैं जी ....ब्लोगजगत आपको हमेशा याद रखेगा । अलविदा ।

    जिनके ऐसे दोस्त हों उन्हे दुश्मनो की दरकार नही है।
    दुश्मनों की जिम्मेदारी भी निभा देते हैं,बड़े मासूम हैं जी।

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  9. Swadee kha ( Namaste) Ojha saab-

    You have the skill to write, You are God gifted. Do not ask for more from almighty. Just be thankful to him.

    Your achievement is 'blogging', not the awards or chatka or rank you get by lesser mortals.

    awards or sanmaan or puraskaar brings greed in a person. One award instills the desire to get more . Is there any end of our expectations? .

    "Greater the expectations, greater is the disappointment".

    Next time if you happen to meet any Alexa..Do not forget to praise the lovely smile on her lips or the cute dimple on her cheeks with amul butter in your voice.

    In case you are supposed to to see some 'Alexander'...do not forget to attach a dollar or two.

    Ojha saab- Learn the art of blogging...opps...begging...oops...."Bhikshaam dehi"

    "Bura na mano HOLI hai"

    btw Ojha saab if you truly wish to remain ahead of everyone...here is a line for you...

    "Omnia vincit amor" -(French ) (love can conquer the world)

    Chalti hun,

    Khapun kha ( Thanks)
    Divya

    PS- sorry for using French, Thai, English and Hindi.

    Smiles !

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  10. काहे ऐलेक्सा जैसों के मूँह लगते हैं...तब लतियाये ही न जायेंगे...उनका मूँह लाने दिजिये...तब लगियेगा तो अलगे बात होगी..सच्ची!!

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  11. ये अलेक्सा क्या होता है झा जी???????

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  12. जैसे ही मैं ब्लोग्गिंग के साथ हिंदी को जोड देता हूं कईयों के कलेजे पर सांप लोटने लगते हैं

    अरे भाई!...कित्तों को लपेट लेते हो ?

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  13. "हाय री ऐसी मित्रता ..न छूटते बनता है न ही टूटते बनता है।"

    याने कि मित्रता न हुई "साँप के मुँह में छुछूंदर" हो गया!

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  14. सुना कि इससे सोशल रिलेशन बनते हैं , आखिर इसी के लिए तो हम ब्लोग्गिंग करते हैं ..बस इसी के लिए करते हैं , ऐसा मुझे बताया है किसी ने ।

    ये सलाह देने वाला, इतना बडा शुभचिंतक कौन आगया?:)

    रामराम.

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  15. आपय की गलती है, हुँआ गए ही काहें थे !!
    फीद्जीत से ही जीतिए, ब्लोग्वानी तो आपय की सुन रहा है, चिट्ठाजगत में भी आपय छाये हौ.
    अलेक्सा भाभी से हमहूँ मिले रहे, लात खाके घरे आ गए.
    बस हिंदी ब्लोग्गिंग हिंदी ब्लोग्गिंग कहते रहिये, हमरा सुर आपय के साथ में है जी. :)
    अब का कहें, मेहरारू जात समझ के जाने दीजिये, का कर लेंगे !!

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  16. वैसे आप सबकी जानकारी के लिए बता दें कि इस ब्लोग की alexa ranking 809,782 है , अच्छा बुरा मुझे नहीं पता । ई गुरू अब क्या करें पहले ही कह दिया है कि जैसे ही ब्लोग्गिंग के साथ हिंदी लगाते हैं .....सांप लोटने लगता है । अब सांप बेचारा क्या जाने गुरू चेला ...ब्लोगवाणी और चिट्ठाजगत वालों को हमही ने किराए पर औफ़िस दिया हुआ है न ..शायद इसलिए आपको ऐसा लगा हो ..। आप इत्ते दिनों में गुरू से आगे क्यों नहीं बढते हैं अब तो गुरू घंटाल हो जाईए न प्रभु । कितने भक्त आस लगाए बैठे हैं

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  17. मेरे ब्लॉग " ना जादू ना टोना " पर चीनी भाषा में एक टिप्पणी आई है , लेकिन न मुझे चीनी आती है न किसी मित्र को .. आपकी नज़र मे कोई हो तो बतायें ताकि पता तो चले कि क्या लिखा है ।

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मैंने तो जो कहना था कह दिया...और अब बारी आपकी है..जो भी लगे..बिलकुल स्पष्ट कहिये ..मैं आपको भी पढ़ना चाहता हूँ......और अपने लिखे को जानने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं से बेहतर और क्या हो सकता है भला

साथ चलने वाले

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