अब दिल्ली ब्लोग्गर बैठक नहीं होगी मगर ब्लोग्गर्स तो बैठेंगे ही ,वो भी इसी रविवार , यानि सात फ़रवरी को ही
प्रस्तुतकर्ता अजय कुमार झा पर 8:34 अपराह्न
जी हां बिल्कुल ठीक पढ रहे हैं आप लोग , मेरे कहने का मतलब बिल्कुल स्पष्ट है कि, इस रविवार यानि सात फ़रवरी को प्रस्तावित दिल्ली ब्लोग्गर बैठक अब नहीं होगी । ब्लोग्गर बैठक नहीं होगी इसके कई कारण हैं जो मैं आगे बताऊंगा , मगर इससे पहले ये बताता चलूं कि राज भाटिया जी जर्मनी से भारत (दिल्ली ) पहुंच चुके हैं और उनसे किए वादे के अनुसार ....उसी जगह उसी समय और उसी दिन ..ब्लोग्गर मित्र मिल के बैठेंगे ...और राज भाटिया जी से मुलाकात और बात करेंगे । मगर मैं फ़िर कह रहा हूं कि कोई ब्लोग्गर मीट/ बैठक/सम्मेलन नहीं होने जा रहा है । इसलिए किसी भी मुगालते में न रहें .........न किसी तरह की उम्मीद ........और न ही कोई नाउम्मीदी पालें । सिर्फ़ अपना दिल ले कर आएं ताकि गले लगें और लगाएं तो दिल मिल जाए .........यही सार्थकता होगी उस दिन की ....मेरे लिए तो जरूर ही ।
अब बात इसकी कि आखिर ब्लोगगर बैठक क्यों नहीं होगी ...........आज कल हिंदी ब्लोगजगत के जो हालात देख सुन पढ रहा हूं ........उससे मन खिन्न है , न सिर्फ़ खिन्न बल्कि उससे भी ज्यादा कुछ कहूं तो भी कम ही होगा । साफ़ दिख रहा है कि ........अपने निजी जीवन के घटियापन, मक्कारी, दोहरे चरित्र को हम लाद कर हिंदी ब्लोग्गिंग में भी ले आए हैं और अब तो ये इतना ज्यादा लद चुका है कि ....हम सब उसीके बोझ तले दबते जा रहे हैं । कौन पुराना , कौन नया, कौन बडा कौन छोटा, कौन आर कौन पार ........कुल मिला के एक वृत सा बन गया है जिसमें फ़ंसे हम सब गोल गोल घूमते जा रहे हैं । और इसमें गोल गोल घूमने की तीव्रता इतनी अधिक होती जा रही है कि साफ़ दिख रहा है हम एक भंवर तैयार कर रहे हैं ..........जाहिर है कि डूबने और डूबाने के लिए । तो ऐसी परिस्थितियों में ब्लोग्गर्स मीट करके किसी को खुश/नाखुश करने का कोई अवसर मैं आने देना नहीं चाहता ।
ये पहले भी कह चुका हूं और आज फ़िर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि राज भाई से मिलने के लिए रखी जा रहे इस समय के छोटे टुकडे का ...आयोजक भी मैं हूं .....प्रायोजक भी मैं ही हूं ......संयोजक भी मैं ही हूं .............यानि कि इसके अलावा जितने भी " जक " .वो मैं और सिर्फ़ मैं हूं । और सभी आमंत्रित हैं जो भी राज भाटिया जी से मिलना चाहते हैं ...मुझ से मिलना चाहते हैं ....कौन आ रहा है .....कौन कौन उपस्थित रहेगा ........ये मुझे खुद नहीं पता .....हां आप सबका इंतजार रहेगा ..समय , स्थान और दिवस पुन: नोट कर लें
TIME :- 11 A.M. TO ..4.00 P.M.
PLACE :-
GGS CAFETERIA AND RESTAURANT
NEAR LAKSHMI NAGAR ,PSK
LAKSHMI NAGAR COMMERCIAL CENTRE
लेबल: ब्लॉग बैठकी
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मैं तो पहुँच ही रहा हूँ....
आपसे मिलने का बहुत मन है...
नोट: लखनऊ से बाहर होने की वजह से .... काफी दिनों तक नहीं आ पाया ....माफ़ी चाहता हूँ....
महफूज़ अली ने कहा…
2 फरवरी 2010 9:08 अपराह्न
mafi chaunga sriman ji, aap lagta hai ki kafi gusse main hai, magar main aunga jarur.
Tarkeshwar Giri ने कहा…
2 फरवरी 2010 9:13 अपराह्न
आदरणीय तारकेश्वर जी ,
गुस्सा अपनी जगह पर है ...और आपका स्वागत है जी ....मेरी तरफ़ से तो सबका स्वागत है ..मैं तो सबको गले लगाना चाहता हूं जी ...जो भी आएं
अजय कुमार झा ने कहा…
2 फरवरी 2010 9:22 अपराह्न
चलिये मिल बैठिए खूब मजे लूटिए ठहाके लगाइए :)
मिल जायें चार यार ....
बाकी सब बेकार
डॉ महेश सिन्हा ने कहा…
2 फरवरी 2010 9:27 अपराह्न
बहुत सटीक बात रखी आपने. इस साफ़गोई के लिये धन्यवाद, भाटिया जी को रामराम कहियेगा.
रामराम.
ताऊ रामपुरिया ने कहा…
2 फरवरी 2010 10:18 अपराह्न
काहे को उद्वेलित होते हो मित्र?... समय हर घाव को भर देता है....ये समय भी किसी तरह टल जाएगा...आप चिंता न करें ...हिन्दी ब्लॉगिंग का भविष्य उज्ज्वल है
राजीव तनेजा ने कहा…
2 फरवरी 2010 11:01 अपराह्न
जितने बाज़ू...उतने सर...गिन ले दुश्मन ध्यान से...
हारेगा वो हर बाज़ी जब खेलें हम जी जान से
राजीव तनेजा ने कहा…
2 फरवरी 2010 11:04 अपराह्न
चिंता न करें। हालात अपनी जगह, मुलाकात अपनी जगह।
डॉ टी एस दराल ने कहा…
2 फरवरी 2010 11:09 अपराह्न
अजय भाई ब्लोगर मीट नही सही शाकाहारी मिलन के लिये शुभकामना. ब्लोग जगत के माहौल के प्रति आपकी चिन्ता का पूरा सम्मान लेकिन कोई तो पहल करे इस गन्दगी को हटाने की. मेरी समझ मे एक ही तरीका है सिर्फ़ वेह्तर लेखन को सराहो और २ कौदी के लेखन की तरफ़ नज़र मत घुमाओ. आरोप प्रत्यारोप की बहस से दूर रहो और सबको ऐसा कर्ने की प्रेर्ना दो.
HARI SHARMA ने कहा…
2 फरवरी 2010 11:59 अपराह्न
बिना मीट के भी मुलाकात शायद ज्यादा अच्छी ही रहे..मेरी शुभकामनाएँ.
Udan Tashtari ने कहा…
3 फरवरी 2010 7:57 पूर्वाह्न
बिना लागलपेट के बढ़िया बात कही आपने |
हम भी जरुर मिलने आते सभी लोगों से पर सुबह ९.०० बजे भाई को लेने एयर पोर्ट जाना है अत: नहीं आ पाने का अफ़सोस रहेगा |
Ratan Singh Shekhawat ने कहा…
3 फरवरी 2010 8:47 पूर्वाह्न
मैं भी आना कहूँगा , पता नहीं कुछ समझ पाऊंगा या नहीं मगर राज हमारे मित्रों में से हैं सो मिलना कहूंगा ..
सतीश सक्सेना ने कहा…
3 फरवरी 2010 9:18 पूर्वाह्न
अजय भईया हम तो आपके चाहने वालो में से , हम आपसे मिलने का कोई मौका नहीं छोडने वाले हैं । और बहुत कुछ चुकता भी करना है आपको । इसलिए हम तो आ रहे हैं ।
Mithilesh dubey ने कहा…
3 फरवरी 2010 10:30 पूर्वाह्न
हमारे आने मे तो कोई शक ही नही है.
नीरज जाट जी ने कहा…
3 फरवरी 2010 11:13 पूर्वाह्न
चलिये अच्छा है मिलने का बहाना ही सही.
काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…
3 फरवरी 2010 11:40 पूर्वाह्न
अजय जी नमस्कार
क्या मैं भी आ सकता हूं?
प्रणाम स्वीकार करें
अन्तर सोहिल ने कहा…
3 फरवरी 2010 3:57 अपराह्न
प्रिय अंतर सोहिल जी , स्वागत है , आपका भी और सबका जो भी आना चाहें , मुझे खुशी होगी आप सबसे मिलके
अजय कुमार झा ने कहा…
3 फरवरी 2010 6:14 अपराह्न
बहुत बढ़िया ..मुलाकात के बारे में अवगत करावें प्रतीक्षा रहेगी .
महेन्द्र मिश्र ने कहा…
3 फरवरी 2010 8:22 अपराह्न