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जी हां बहुत समय से टलते टलते आखिरकार वो दिन आ ही गया है जिसका मुझे और भाटिया जी को इंतज़ार था ,जी हां इस रविवार यानि सात फ़रवरी को सुबह ग्यारह बजे से शाम चार बजे तक हम सब आपस में मिल बैठेंगे । फ़िर से उन्हें याद दिला रहा हूं ताकि फ़िर से मुझे ये न सुनना पडे कि अरे आपने तो बताया नहीं , लीजीए नोट करिए जी

Day :- The 7th Day of Febrauary(sunday)

Time:- 11 a.m. to 4.oo p.m.

Place :- GGS FAST FOOD AND BANQUET
PLOT NO. 14, LAKSHMI NAGAR
DISTRICT CENTRE
DELHI -110092
PH:- 011-42448800

तो आप सब जो भी आना चाहें स्वागत है , आप सबका साथ ही जो भी अपना संदेश राज भाटिया भाई तक पहुंचाना चाहते हैं , या फ़ोन के माध्यम से हम सबसे संवाद स्थापित करना चाहते हैं तो और अन्य किसी भी जानकारी के लिए मैं पुन: अपना फ़ोन नं दे रहा हूं , कोशिश ये होगी कि ब्लोग्गर बैठक के बीच ही सभी उपलब्ध फ़ोन संपंर्कों के माधय्म से आप सबको जोडा जा सके । मुझे प्रतीक्षा रहेगी आप सबकी ॥

मेरा नं है 9871205767

15 टिप्पणियाँ:

चलिए मैं भी उसी समय फोन लगा लूँगा... :) भैया एड्रेस का फॉण्ट छोटा कर देना... ढंग से दिख नहीं रहा..
जय हिंद....

5 फरवरी 2010 10:30 अपराह्न  

हम रेड़ी हूँ....

5 फरवरी 2010 10:32 अपराह्न  

आप सबों को शुभकामनाएं .. काश मैं भी पहुंच पाती !!

5 फरवरी 2010 10:49 अपराह्न  

मैं तो पहुंच गया हूं समझिये।

5 फरवरी 2010 11:16 अपराह्न  

हम इधर चैन्नई से ही आपको फ़ोन कर लेंगे।

5 फरवरी 2010 11:33 अपराह्न  

शुभम
वैसे काला टीका लगा लेना घर से निकलने से पहले :)
आजकल ब्लॉग जगत का वो क्या कहते हैं , चल रहा है

5 फरवरी 2010 11:51 अपराह्न  

इस मिलन में हाजिर न रहने का अफसोस रहेगा।

6 फरवरी 2010 12:19 पूर्वाह्न  

बढ़िया है, मिलिये...शुभकामनाएँ.

6 फरवरी 2010 1:03 पूर्वाह्न  

Raj dadaji ko
pranam

6 फरवरी 2010 1:12 पूर्वाह्न  

मिलते हैं....

6 फरवरी 2010 1:46 पूर्वाह्न  

दिलों में बेताबी बढ़ी
और गई मिलन की घड़ी

6 फरवरी 2010 5:33 पूर्वाह्न  

दिल्ली में मिलेंगे आपको दिल वाले
हम छत्तीसगढ़ वाले भी कम नहीं मतवाले
जी चाहे जब भी आजमा लें
करीब से न सही दूर से ही नजरें मिल लें
राज भाटिया जी-स्वागत है आपका अपने ही देश में

6 फरवरी 2010 9:41 पूर्वाह्न  

शुभकामनाएँ!!!

6 फरवरी 2010 1:01 अपराह्न  

बल्ले बल्ले.

6 फरवरी 2010 6:58 अपराह्न  

@ काजल कुमार


आवाज नहीं आई

बल्‍ले बल्‍ले

वहीं आकर करियेगा

इंतजार है हमें

और सभी को

सभी का

कोई दिल वाला बचने न पाये

जरूर आये

दिल दा मामला है।

6 फरवरी 2010 9:34 अपराह्न  

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