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मंगलवार, 24 नवंबर 2009

दिल्ली ब्लोग बैठक में हुआ फ़ोटो शूट (आखिरी रपट)

आप लोग सोच रहे होंगे कि दिल्ली ब्लोग बैठकी में खाली खूब गंभीर बातें, विचार-विमर्श,और यही सब कुछ हुआहोगा नहीं जी ...जब राजीव तनेजा जी , कार्टूनिस्ट इरफ़ान भाई ...और स्लौग ओवर स्पेशलिस्ट खुशदीप जी एकसाथ मौजूद हों और ऊपर से साथ में हम खुद ,भरी हुई बस में कंडक्टर की तरह लटके हुए हों तो ...और हम सबकेऊपर श्री बी एस पाबला जी और वकील साहब भी मार्गनिर्देशन हो तो फ़िर चुहल हो ....ऐसा तो संभव तो नहीं थाअब ज्यादा क्या कहूं ॥पाबला जी तो हमेशा की तरह अपने अचूक हथियार...अपने कैमरे से पहले ही लैस थेहम सब भी कौन कम थे .....अपनी अपनी गुलेल (अजी उनके कैमरे जो किसी भी रूप में के छप्पन से कमनहीं था ॥उसके सामने तो हमारा मोबाईल गुलेल ही था ) को तान कर जो निशाने लिये ....देखिये आपके सामने हीहै

... ... (ये पाबला जी सारी फ़ोटुएं खींच ले रहे हैं मैं भी अपने मोबाईल से खींच लूं खुशदीप भाई ....यार पोस्ट ठेलने के काम आएंगी ........?)











(
यार एक कार्टूनिस्ट भी फ़ोटो खेंच सकता है......अरे आप नहीं मानते लिजीये देखिये ...सबका ऐसा कार्टून बना दूंगा कि.....कि असली चेहरा सामने जाएगा )














{अरे नहीं नहीं इरफ़ान जी .....देखिये आप जो फ़ोटो खींच रहे हैं ......उसमें ये वाला लीगल ऐंगल डालिये ....फ़िर
चाहे ......फ़िर मजे से वो बवाल टाईप....(बवाल टाईप वाला कार्टून याद है ) ........भी बनाईयेगा तो कोई आपका खंबा नहीं हिला सकता .....अरे ये तीसरा खंबा की गारंटी है जी }













(हाय राम ......ये सब तो अपने अपने एंगल से फ़ोटो खींच रहे हैं ....मेरा राजू (राजीव भाई ) कहीं पीछे रह
जाए...जल्दी से मैं भी खेंच लूं ......आखिर अपने ब्लोग में भी तो कुछ लगा लूंगी .....)














" अमा, छोडो ये फ़ोटो शोटो हम तो टीवी वाले हैं भाई .....बडे कैमरे वाले....यार ये सब फ़ोटो में लगे हैं फ़टाफ़ट नोटस
बना लेता हूं ....जाते ही सबसे पहली पोस्ट मैं ही ठेल दूंगा ......खुशियों के ऐसे दीप जलेंगे....लोग ये फ़ोटो शोटो सब भूल जाएंगे.......साथ में एक स्लौग ओवर

20 टिप्‍पणियां:

  1. का बताएं झा जी इन फ़ोटुओं मे हमारा ना होना हमे जिन्दगी भर सालेगा, बडा मजा आया होगा, इसका अन्दाजा हम लगा सकते हैं।

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  2. बडा बढिया फोटो सेशन रहा जी। किसी को बिछडने का गम कहीं नहीं लगा :)

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  3. बढिया रही रपट की आखिरी किस्त

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  4. बहुत बढ़िया रही रपट ! बाकी इन फोटो में न होने का गम तो हमे भी रहेगा !

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  5. अब झा जी काहे को फोटो सोटो दिखाकर हमें पछतावा करा रहे हो | काश हमें भी रविवार सुबह को ही कहीं से पता चल जाता और आज हमारी भी आपके केमरे से खेंची फोटो छपती |

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  6. चित्र बहुत खूब हैं जी और कैप्शन तो उन पर भी भारी।

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  7. अच्छे शब्द चित्र और चित्र शब्द !

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  8. ‍अजय भाई,
    पहले तो मैं डर ही गया था...कहीं आप मुलाकात के दौरान जो हंसी-मज़ाक हुआ था, उसे खुल्लम-खुल्ला ही न बता दें...शुक्र है...

    जय हिंद...

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  9. बहुत सुंदर चित्र जी, चित्र देख कर ही लगता है की आप सब बहुत खुश थे, मजेदार.धन्यवाद

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  10. हम तो समझे थे कि पिछली वाली आखिरी थी...खामखां दुखी रहे.

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  11. इ बार-बार रंग-रंग का फोटू देखाने का का माने है.....
    इ सब जराने का इंतज़ाम है और कुछो नहीं.....
    और खुशदीप जी...इ शुक्र, शनिचर नहीं चलेगा .....जो बात हुआ है साफ़-साफ़ बताइए.....का पता केतना का चुगली किये हैं आप लोग....????
    लेकिन अच्छा लगा देख कर की आपलोग बढियां से समय बिताये हैं....खुसी हुई है.....हम सबको....और फोटू देखाते रहिएगा.....हम तो मजाक करते हैं न.!!

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  12. बहुत बढ़िया लगा आपका ये पोस्ट! सुंदर तस्वीरों के साथ आपने बखूबी प्रस्तुत किया है!

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  13. अजय भाई अब अखर रहा है दिल्ली नही आना।इतनी पब्लिसिटी मिलेगे पता होता तो सब काम छोड़ कर चले आते।हा हा हा हा हा हा।

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  14. बहुत लाजवाब चित्र और रिपोर्टिंग...

    रामराम.

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  15. पाबला जी के कैमरे पर जल्द ही एक पोस्ट जारी करने की इच्छा है यह कैमरा ए.के.47 से भी ज़्यादा तेज चलता है और दनादन शॉट्स लेता है । इसके सामने फुर्ती से आपको एंगल बदलना पड़ता है वरना यह आप जैसे हो वैसे ही आपकी तस्वीर खेंच देता है । फिलहाल हम लोग अपने छोटे मोटे मोबाइल कैमरे पर ही फख्र करे पाबला जी के कैमरे की तस्वीर किस कैमरे से खींची जाये मै तो यह सोच रहा हूँ ।

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मैंने तो जो कहना था कह दिया...और अब बारी आपकी है..जो भी लगे..बिलकुल स्पष्ट कहिये ..मैं आपको भी पढ़ना चाहता हूँ......और अपने लिखे को जानने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं से बेहतर और क्या हो सकता है भला

साथ चलने वाले

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