बेबाक , बिंदास , बेलौस ,बेसाख्ता सी कुछ बातें ......
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बिखरे आखर
ट्विटर सेंसर को तैयार , गूगल ने किया इनकार ,
उपयोग दुन्नो का अईसा करें , रहे टेंसन में सरकार
मेरे इर्द गिर्द रहकर , तुम जो यूं , अपना ये ...
1 सप्ताह पहले















हा हा हा जोरदार झा जी
बधाई।
ललित शर्मा ने कहा…
19 मार्च 2010 12:31 पूर्वाह्न
वाह्! बहुत ही मजेदार ब्लाग-ब्लागर संवाद रचा आपने... शायद अन्तिम पैराग्राफ में आपके वाला ब्लाग आपसे मुखातिब था कि झा जी नें डेढ दर्जन से भी ऊपर उसके भाईबन्द पैदा कर रखे हैं :-)
पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…
19 मार्च 2010 12:50 पूर्वाह्न
मजेदार जी बोत बोत नाईस
राज भाटिय़ा ने कहा…
19 मार्च 2010 1:06 पूर्वाह्न
हा हा!! संभलना पड़ेगा..यह ब्लॉग रिपोर्टर तो अंदर की बात छाप रहा है.
Udan Tashtari ने कहा…
19 मार्च 2010 1:26 पूर्वाह्न
मजेदार!
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…
19 मार्च 2010 3:21 पूर्वाह्न
Baaz ki drishti se har gatividhi par aapki gahri nazar rahti hai bhaia, maan gaye...
दीपक 'मशाल' ने कहा…
19 मार्च 2010 6:08 पूर्वाह्न
बतकही ...ब्लॉग रिपोर्टर ....बढियां है
Arvind Mishra ने कहा…
19 मार्च 2010 6:50 पूर्वाह्न
nice........................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................
Suman ने कहा…
19 मार्च 2010 7:33 पूर्वाह्न
रिपोर्ट के लिये आभार.
मजेदार
M VERMA ने कहा…
19 मार्च 2010 7:43 पूर्वाह्न
बहुत अच्छा लगा।
मनोज कुमार ने कहा…
19 मार्च 2010 8:20 पूर्वाह्न
धा हा हा बहुत बढिया। शुभकामनायें
निर्मला कपिला ने कहा…
19 मार्च 2010 8:27 पूर्वाह्न
अजय जी, आपका ब्लाग कदम दर कदम खुलता है, पढ़ने का मजा ही किरकिरा हो जाता है। कुछ करिए। आपकी अभिव्यक्ति काबिले तारीफ है। बधाई।
Dr. Smt. ajit gupta ने कहा…
19 मार्च 2010 8:35 पूर्वाह्न
झा जी,
वाह बहुत ही जोरदार हा हा हा...
महेन्द्र मिश्र ने कहा…
19 मार्च 2010 8:53 पूर्वाह्न
अजय जी,
डॉ. श्रीमती गुप्ता सही कह रही हैं, आपका ब्लोग खुलने में बहुत अधिक समय लेता है। ऐसा शायद फॉलोवर्स वाला विजेट के बड़ा होने के कारण हो सकता है। कृपया इस विजेट को साइडबार में लगायें ताकि यह छोटा हो जाये और ब्लोग जल्दी खुले।
जी.के. अवधिया ने कहा…
19 मार्च 2010 9:31 पूर्वाह्न
wah waah waaah
rochak post.......
AlbelaKhatri.com ने कहा…
19 मार्च 2010 9:59 पूर्वाह्न
अब तो बचके रहना पडेगा इन ब्लाग रिपोर्टर जी से.:)
रामराम.
ताऊ रामपुरिया ने कहा…
19 मार्च 2010 10:34 पूर्वाह्न
बहुत गठीला लिखते हैं
मज़ा आ गया जी
गिरीश बिल्लोरे ''पॉडकास्टर'' ने कहा…
19 मार्च 2010 10:49 पूर्वाह्न
हा हा हा मज़ा आ गया।ये ब्लाग रिपोर्टर अपना मूच्छू ललित लगता है।वैसे वो है भी बहुत पुराना रिपोर्टर्।मज़ा आ गया झा साब्।
Anil Pusadkar ने कहा…
19 मार्च 2010 11:11 पूर्वाह्न
आदरणीय डा. अजित गुप्ता जी और अवधिया जी ..शुक्रिया मैं कोशिश करता हूं कि ठीक करूं इसे आपने जैसा कहा है करके देखता हूं ..आभार
अजय कुमार झा ने कहा…
19 मार्च 2010 6:08 अपराह्न
:)
shikha varshney ने कहा…
19 मार्च 2010 6:26 अपराह्न
:)
:)
'अदा' ने कहा…
19 मार्च 2010 7:22 अपराह्न
मतलब यह कि ब्लॉगिंग का वायरस अब इतना कहर ढा रहा है कि ब्लॉगिंग के अलावा कुछ नही दिखाई दे रहा ..धन्य हो ।
शरद कोकास ने कहा…
19 मार्च 2010 10:41 अपराह्न
आप तो बड़े जासूस हैं जी....अब तो डर के रहना पड़ेगा जी.......
लड्डू बोलता है जी.....
कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा…
19 मार्च 2010 11:02 अपराह्न
सावधान ब्लोग रिपोर्टर घूम रहा है ..अभी तो बहुते बातचीत रिकार्ड करनी है जी ...देखिए आगे का का होता है .. क्राइम ब्रांच को सूचित करो स्टिंग ऑपरेशन चलाओ भाई हा हा हा
महेन्द्र मिश्र ने कहा…
20 मार्च 2010 8:40 अपराह्न
वाह बहुत ही बढ़िया, जोरदार, मज़ेदार और रोचक पोस्ट रहा! बधाई!
Babli ने कहा…
21 मार्च 2010 9:46 पूर्वाह्न
हा हा हा हा हा हा......
anjana ने कहा…
21 मार्च 2010 11:22 अपराह्न
ख़ूबसूरत पंक्तियों में टिपण्णी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद! मुझे बेहद पसंद आया!
बहुत ही बढ़िया, ज़ोरदार, मज़ेदार और रोचक पोस्ट रहा!
Babli ने कहा…
24 मार्च 2010 12:33 अपराह्न
हा..हा..हा..मजेदार !!
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"पाखी की दुनिया" में इस बार पोर्टब्लेयर के खूबसूरत म्यूजियम की सैर
अक्षिता (पाखी) ने कहा…
24 मार्च 2010 12:58 अपराह्न
bahut hi majedaar aur shaandaar .aajkal sabke paas ek vishya ye bhi hai charcha ke liye ,jahan anubhav naye naye jam rahe hai ,
ज्योति सिंह ने कहा…
25 मार्च 2010 5:55 अपराह्न
बहुत गठीला लिखते हैं
मज़ा आ गया जी
संजय भास्कर ने कहा…
25 मार्च 2010 11:58 अपराह्न
बतकही ...ब्लॉग रिपोर्टर ....बढियां है
संजय भास्कर ने कहा…
25 मार्च 2010 11:58 अपराह्न