बेबाक , बिंदास , बेलौस ,बेसाख्ता सी कुछ बातें ......
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बिखरे आखर
ट्विटर सेंसर को तैयार , गूगल ने किया इनकार ,
उपयोग दुन्नो का अईसा करें , रहे टेंसन में सरकार
मेरे इर्द गिर्द रहकर , तुम जो यूं , अपना ये ...
1 सप्ताह पहले















अधूरी जानकारी के लिए भी धन्यबाद...
अगले पोस्ट का इन्तजार रहेगा..
लड्डू बोलता है ....इंजीनियर के दिल से
http://laddoospeaks.blogspot.com/
कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा…
14 मार्च 2010 12:00 पूर्वाह्न
आदरणीय कृष्ण मुरारी जी , जिन बिंदुओं पर मैंने अभी लिखा है उनपर मुझे इससे अधिक जानकारी नहीं है सो आप कुछ प्रकाश डाल सकें तो बडा ही मार्गदर्शन हो सकेगा सबका ..अन्यथा तो ...जाने कहां के लड्डू ...कहते हैं न कि ....जो खाय वो भी पछ्ताय ..जो न खाय वो भी ....हा हा हा ...
अजय कुमार झा
अजय कुमार झा ने कहा…
14 मार्च 2010 12:10 पूर्वाह्न
झा जी,
हम जैसे नटखट बच्चों के लिए छड़ी-वड़ी तो नहीं रखे हैं न...हम तो जन्मजात क्लास बंकर रहे हैं...ज़रा हमारा ख्याल रखिएगा...
जय हिंद...
खुशदीप सहगल ने कहा…
14 मार्च 2010 12:34 पूर्वाह्न
बढ़िया लिखा है आपने! आपके अगले पोस्ट का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा!
Babli ने कहा…
14 मार्च 2010 12:38 पूर्वाह्न
बहुत बढ़िया हिदायत दी है आपे अजय भईया ।
Mithilesh dubey ने कहा…
14 मार्च 2010 12:41 पूर्वाह्न
गुरूजी , इस वर्कशॉप की यह पहली क्लास तो अच्छी लगी ..अगली क्लास मे भी आने का वादा पक्का ।वैसे फैकल्टी के तौर पर आप अन्य लोगों भी आमंत्रित कर रहे है यह आपकी सहृदयता है ।
शरद कोकास ने कहा…
14 मार्च 2010 12:48 पूर्वाह्न
boss apan yahi karte hain, bhale hi likhte kam hain lekin padhte jyada hai idhar blogs ko
Sanjeet Tripathi ने कहा…
14 मार्च 2010 12:50 पूर्वाह्न
अपने तो वैसे भी हफ्ते के छ दिन पढने में ही जाते हैं...सिर्फ सातवें दिन ही एक पोस्ट लिख पाते हैं!
पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…
14 मार्च 2010 12:54 पूर्वाह्न
भाई हम भी सिर्फ़ पढने ओर टिपण्णी देने मै ही ज्यादा वक्त देते है.... लिखे तो क्या लिखे?? चलिये आप का अगला पिरियड भी तो अटेण्ड करना है, राम राम
राज भाटिय़ा ने कहा…
14 मार्च 2010 1:11 पूर्वाह्न
झा जी नमस्कार
बहुत ही बढ़िया सिलसिला जारी किया है आपने
हम क्लास अटेंड जरूर करेंगे
सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा…
14 मार्च 2010 1:26 पूर्वाह्न
बढ़िया लिखा है आपने! आपके अगले पोस्ट का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा
संजय भास्कर ने कहा…
14 मार्च 2010 1:48 पूर्वाह्न
बहुत कुछ तो सीखने को जरूर मिला !!
संगीता पुरी ने कहा…
14 मार्च 2010 2:44 पूर्वाह्न
सीखते चल रहे है...
वैसे यह डायलॉग जबरदस्त रहा: अन्यथा तो ...जाने कहां के लड्डू ...:)
कहते हैं न कि ....जो खाय वो भी पछ्ताय ..जो न खाय वो भी ....हा हा हा ...
ऐसे वक्त में, जब चारों ओर हाहा कार मचा है..प्राथमिक शिक्षा पुनः अनिवार्य हो गई है...अच्छा कार्य शुरु किया.
Udan Tashtari ने कहा…
14 मार्च 2010 4:22 पूर्वाह्न
मे आई कम इन सर ?
सतीश सक्सेना ने कहा…
14 मार्च 2010 7:26 पूर्वाह्न
सुंदर प्रयास है। आगे का इंतजार है।
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…
14 मार्च 2010 7:56 पूर्वाह्न
झा जी , ये शीर्षक के आगे नाम लिखना कभी कभी भ्रम पैदा कर देता है ।
यह बात सही है कि लिखने से पढना ज्यादा ज़रूरी है।
आगे का इंतज़ार --सुहाना रहेगा।
डॉ टी एस दराल ने कहा…
14 मार्च 2010 8:31 पूर्वाह्न
बहुत अच्छा लगा।
मनोज कुमार ने कहा…
14 मार्च 2010 8:37 पूर्वाह्न
अजय जी इतने मोटे बोल्ड टाईप में लिखी पोस्ट आँखों को बहुत चुभती हैं -वैसे बात आपकी सलीके की है !
Arvind Mishra ने कहा…
14 मार्च 2010 8:51 पूर्वाह्न
ठीक है सर ध्यान रखूंगा ....यदि कुछ और मित्र इस बात का ईशारा करें तो जानने में आसानी होगी ...फ़िर भी मैं ध्यान रखूंगा
अजय कुमार झा
अजय कुमार झा ने कहा…
14 मार्च 2010 8:57 पूर्वाह्न
if possible please increase the comment font size
रचना ने कहा…
14 मार्च 2010 9:48 पूर्वाह्न
accha laga jha ji...
thanks..
'अदा' ने कहा…
14 मार्च 2010 10:50 पूर्वाह्न
अच्छी जानकारी दिया आपने .......धन्यवाद .
देवेश प्रताप ने कहा…
14 मार्च 2010 12:12 अपराह्न
लेक्चर अटेंद किया और इत्ता बढिया लगा कि अगले लेक्चर की उत्सुकता बनी है. आप आईये आराम से..हम तो यहीं क्लास में बैठे हैं.
रामराम.
ताऊ रामपुरिया ने कहा…
14 मार्च 2010 1:03 अपराह्न
पहले तो पांचसौवीं पोस्ट पर बधाई.....बाप रेsssss| हम तो डेढ़ साल में सौ का आंकड़ा भी नहीं छू पाये हैं अब तक।
ब्लौगिंग पे क्लासेज यूं ही चलाते रहिये। वैसे आपका ब्लौग लोड होने में बड़ा वक्त लेता है।
गौतम राजरिशी ने कहा…
14 मार्च 2010 1:41 अपराह्न
झा जी जारी रखिए अपनी क्लास।
आपकी की क्लास रही फ़स्ट क्लास्।
राम राम
ललित शर्मा ने कहा…
14 मार्च 2010 5:21 अपराह्न
ajay bhaai mazaaaa gayaa. vaise ham 100 post pooree padh lete hai tab ek likhne kee sochte hai
HARI SHARMA ने कहा…
14 मार्च 2010 9:41 अपराह्न
कुछ अतिरिक्त जानकारियाँ मिलीं
जारी रखिए
बी एस पाबला ने कहा…
14 मार्च 2010 9:44 अपराह्न
ये क्लास तो बहुत बढिया है. हमारा एडमिशन कर लीजिये.
वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…
14 मार्च 2010 11:35 अपराह्न
बढिया क्लास लगाई है जी आपने, बहुत कुछ सीखने को मिलेगा जी, धन्यवाद
"झा जी कहिन" श्रंखला सचमुच कमाल होगी।
और हां
(पोस्ट के आगे नाम अपना लिखने का)
आयडिया श्री खुशदीप जी का था।
प्रणाम
अन्तर सोहिल ने कहा…
15 मार्च 2010 1:38 अपराह्न
श्री अरविन्द मिश्रा जी की बात पर ध्यान दिया जाये, हमें भी प्राब्लम है जी
प्रणाम
अन्तर सोहिल ने कहा…
15 मार्च 2010 1:41 अपराह्न