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पिछली पोस्ट को हमने जाने कौन से मूड में लिख दिया था , सोचा तो ये था कि नए मित्र ब्लोग्गर्स को ऐसी जानकारियों की समय समय पर उपलब्ध करानी चाहिए ...मगर आप सबने उसे झाजी की ब्लोग क्लास ही बना दिया ....तो फ़ुल टाईम स्कूल चलाने के लिए तो न हमको परमीशन मिलेगा और फ़िर हम तो मास्साब नहीं न बन सकते हैं ..तो सोचे कि काहे नहीं आप लोग को टयुशनिया क्लास में ही लपेटा जाए । चलिए छोडिए पिछली पोस्ट में कही गई बातों से अब आगे बढते हैं ।

पोस्टिंग का समय :- जी हां , पिछले ढाई वर्षों के अनुभव के दौरान जो एक बात मैंने अनुभव की वो थी कि किसी भी पोस्ट को प्रकाशन करने का समय भी इस बात को तय कर देता है कि आपकी पोस्ट पाठकों के हत्थे चढ रही है या नहीं । जैसा कि पहले भी कह चुका हूं कि ये सब महज एक आकलन है और परिणामों से इस अनुभव का कोई प्रत्यक्ष /अप्रत्यक्ष संबंध निश्चित रूप से हो इसका कोई प्रमाण नहीं है । मेरे विचार से पोस्ट को प्रकाशित करने का उपयुक्त समय सुबह छ: बजे से सुबह दस बजे तक ...और फ़िर शाम पांच बजे से लेकर रात के ग्यारह बजे तक ...मेरा अनुभव कहता है कि यही हो समय है जब पाठकों का ट्रैफ़िक ब्लोग्स पर सबसे ज्यादा रहता है । हालांकि इसे सभी अपने अपने हिसाब से आकलन करके देख और तय कर सकते हैं ....और हम जैसे धरतीपकडों के लिए तो रात दिन एक बराबर ...। यहां एक दिलचस्प बात बताता चलूं ..मुझ से एक बार पूछा गया कि ... ब्लोग पोस्ट को समाचार पत्रों में प्रकाशित होने की संभावना के आधार पर पोस्ट को प्रकाशित करने का उपयुक्त समय कौन सा हो सकता है ..फ़िर मुझे विस्तार से बताना पडा कि समाचार पत्रों के हिसाब से अलग अलग ...खैर छोडिए इस पर बात फ़िर कभी ।

टिप्पणी :- इस एक मुद्दे पर जाने कितनी ही बार कहा गया है ..यदि ये कहा जाए कि कम से कम सभी ने एक बार और मुझ जैसे ने तो जाने कितनी ही बार इस पर बहुत कुछ कहा है तो कुछ गलत नहीं होगा । टिप्पणी को लेकर मत/विमत, विचार , बहस , सबकुछ उतनी ही बार हो चुका है या होता ही रहता है जितनी बार ब्लोग्गिंग को लेकर । मगर आज इस बिंदु पर कुछ अलग चंद बातें । पहली ये कि जब भी मैं नए ब्लोग्गर मित्रों का ब्लोग खोल कर पढता हूं तो देखता हूं कि बहुत से मित्रों की पोस्ट पर कोई टिप्पणी नहीं है .हालांकि इस बात की जरूरत हमेशा ही हम सबने बहुत बार जताई है कि नए ब्लोग्गर्स को प्रोत्साहित करना जरूरी है और इसके लिए उन्हें प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए . मगर मुझे फ़िर भी लगता है कि कम से कम पहली पोस्ट के  लिए संकंलकों को ऐसी कोई स्वचालित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि वे कम से कम हतोत्साहित तो न हों । देखें ऐसा कब तक हो पाता है ? दूसरी अहम बात ये कि टिप्पणी करने का एक अप्रत्यक्ष लाभ ये होता है कि आपका नाम  सर्च इंजनों के दायरे में बढ जाता है । जी हां , इसलिए टिप्पणी करना अपने लिए भी फ़ायदेमंद साबित होता है ।

नियमितता
:- ये एक कटु सत्य है कि हिंदी ब्लोग्गिंग से अभी किसी की रोजी रोटी नहीं चल रही है , इसलिए ऐसा कतई जरूरी नहीं है कि ब्लोग्गिंग के लिए बिल्कुल समर्पित हो जाया जाए । मगर ये भी कहने की बात है ...दिल्ली के लड्डू हैं जी जो खाए वो भी .....जो न खाए वो भी .....। और ऐसा ही है भी , ....न हो तो टराई करके देख लिया जाए ...this is one way traffic .....सनम ..आना तो आसान है छोड के जाना बडा मुश्किल है । मगर मैं इससे अलग ये कह रहा हूं.., जिन्हें ब्लोग्गिंग में आए कुछ समय बीत चुका है ..जो स्थापित ब्लोग्गर की श्रेणी में आ गए हैं, जिन्हें नियमित /अनियमित ब्लोग्गर/ पाठक के रूप में सब जान रहे हैं ..उनके लिए तो न भी मगर उनके लिए जो अभी ब्लोग्गिंग में नए नए आए हैं ये निहायत ही जरूरी हो जाता है कि यदि ....वे शाहरूख खान नहीं हैं ...या कि अमर सिंह जी भी नहीं है तो फ़िर अपने को उतने समय तक सक्रिय और नियमित तो जरूर रखें जब तक कि पूरे ब्लोगजगत का उनसे परिचय न हो जाए ।


चलिए आज के लिए इतना ही ....

24 टिप्पणियाँ:

बहुत बढ़िया मास्साब , हमने तो याद कर लिया , अगली क्लास कब है ?

16 मार्च 2010 10:49 अपराह्न  

गुरुजी की जय हो. अत्यंत सम्यक ज्ञान प्रात हुआ. आभार.

रामराम.

16 मार्च 2010 10:51 अपराह्न  

देखिये आपने अभी अभी समझाया और हमे अनुकरण भी कर लिया मास्साब ! चिपका दी टिपण्णी....तो फिर हम जैसे नए नए चूजों का मनोबल बढ़ाने को आइये हमारे ब्लॉग पर

16 मार्च 2010 10:57 अपराह्न  

Aap kanoon se juren hai jo ak aisa kam hai jisase insaniyat ko jinda rakkha ja sakta hai aur sachae ko majboot banaya ja sakta hai, jiski aaj samaj aur desh ko sabse jyada jaroorat hai .Main chahta hun ki aap WWW.HPRDINDIA.ORG andolan se jurkar sache aur achchhe logo ke suraksha ke chkr ko majboot banane main apna bahumulay yogdan den.

16 मार्च 2010 11:08 अपराह्न  

अगली क्‍लास का इंतजार रहेगा !!

16 मार्च 2010 11:14 अपराह्न  

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

संजय कुमार
हरियाणा

16 मार्च 2010 11:18 अपराह्न  

बहुत बढ़िया क्लास मास्टर साहब । धन्यवाद

16 मार्च 2010 11:34 अपराह्न  

मास्टर साहब आज तो थोडा लेट हो गया, लेकिन कल पुरा होम वर्क कर के आऊंगा,

16 मार्च 2010 11:50 अपराह्न  

महत्वपूर्ण टिप्स!!!
याद रखी जाएंगी।

16 मार्च 2010 11:52 अपराह्न  

शरद कोकास - हाजिर गुरूजी । ( अगर किसी की प्रॉक्सी लगानी हो तो अलग से बतायें अगली क्लस मे ध्यान रखूंगा )

17 मार्च 2010 12:10 पूर्वाह्न  

मास्साब-आज का पीरियड धांसु रहा।
इसी तरह कक्षा चलने दे।
हम क्लास बंक नही करेंगे।
थोडा विलंब हो जरुर सकता है।
आभार

17 मार्च 2010 12:20 पूर्वाह्न  

गुरू जी देरी से आये पर पाठ पूरा याद है
सुनाऊ क्या गुरू जी

17 मार्च 2010 12:30 पूर्वाह्न  

ज्ञान बढ़ा. आभार

17 मार्च 2010 3:38 पूर्वाह्न  

ज्ञानदान का आभार. हम भी सीख रहे हैं मस्साब आपसे.

नये ब्लॉगरों को प्रात्साहन देने में संगलक क्या करेगा. चिट्ठाजगत आपको रोज चिट्ठी भेजता है नये खुले ब्लॉग की और ब्लॉगवाणी भी दिखाता है...अब उसके बाद तो स्थापित ब्लॉगरों का दायित्व है कि वो जायें और उन्हें प्रोत्साहित करें....


अच्छा आलेख.

17 मार्च 2010 5:47 पूर्वाह्न  

nice

17 मार्च 2010 6:51 पूर्वाह्न  

सर जी, सर जी...

कुछ शिकायतें करनी हैं...

पाबला जी आपकी क्लास से बंक मार के बाहर घूमते रहते हैं...कहते हैं मुझसे बड़ा ब्लॉगिंग का सर कौन होगा...

सर जी, पता है ये अदा जी न, क्लास में भी गाने सुनाती रहती हैं...हां, नहीं तो...

और ये राजीव तनेजा, क्लास में भी आपके चेहरे को जादू से हीरोइनों की शक्ल में तब्दील कर देते हैं...

फाइनली समीर जी, आजकल हम सबको गुदगुदाने पर उन्होंने स्वेच्छा से प्रतिबंध लगा रखा है...

बहुत शिकायतें हैं, बाकी अगली क्लास में...

जय हिंद...

17 मार्च 2010 7:35 पूर्वाह्न  

हम तो पिछली क्लास का पाठ भी भूल गए!

खुशदीप जी, आप अगली बेंच में बैठे रहते हो। कभी सर घुमा कर देख लिया करो जी, मैं तो दुबका हुआ आखिरी बेंच में बैठा रहता हूँ।

कल देख लेना, नहीं तो मेरा सर घूम जाएगा

और अजय सर जी, खुशदीप को मना करो मुझसे पंगा न ले। मैंने ले लिया तो फिर आप छड़ी से नहीं मारना

17 मार्च 2010 9:31 पूर्वाह्न  

गुरूजी, आज सुबह से ही यही चिंतन चल रहा है कि पोस्‍ट करने का समय कौन सा उपयुक्‍त है? मुझे लगता है कि शाम को पोस्‍ट करनी चाहिए जिससे रात भर में वह ब्‍लागवाणी की हॉट लिस्‍ट में आ जाए और आप सारा दिन उसे देखते रहें। हॉट लिस्‍ट से बाहर होते ही उसपर प्रतिक्रिया आना बन्‍द हो जाती है।

17 मार्च 2010 10:29 पूर्वाह्न  

Present sir.

17 मार्च 2010 10:46 पूर्वाह्न  

देख लो सर जी,

पाबला जी आपके सामने ही मुझे खुले आम धमका रहे हैं...क्लास के बाहर मेरा क्या हाल करते होंगे...

जय हिंद...

17 मार्च 2010 1:13 अपराह्न  

ye kya jha ji....maasron ke pet me laat? achchhe nahi hai ye baat....ham bhi aapko court me ghaseetenge.....haa nahi to]:

17 मार्च 2010 5:07 अपराह्न  

achchi class hai aur tuition ke to kahne hi kya hai ........bas amal kar rahe hain dekhte hain pass hote hain ya fail.

17 मार्च 2010 5:24 अपराह्न  

सर जी ,, क्लास कब तक चलेगी....और परीक्षा कब होगी....कुछ गेस प्रश्न भी हैं क्या?....
लड्डू बोलता है....इंजीनियर के दिल से.....
http://laddoospeaks.blogspot.com

17 मार्च 2010 10:33 अपराह्न  

हमने भी पढ़ लिया इस क्‍लास का उपयोगी पाठ, धन्‍यवाद.

3 जुलाई 2011 6:57 पूर्वाह्न  

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