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सोमवार, 31 दिसंबर 2007

नए साल के लिए कुछ संकल्प

यूं तो मैं ऐसी योजना बना कर कभी नहीं चलता हूँ कि भैव्हिश्य में एक्साक्ट्ली क्या करना है क्योंकि काफी हद तक प्लान की हुई बातें ठीक वैसे नहीं पूरी हो पाती हैं। मगर फिर भी ब्लोग्गिंग से संबधित कुछ बातें और योनायें तो सोची ही हैं।

सबसे पहला तो ये कि ब्लोग नहीं लिखूंगा , अरे अरे नहीं नहीं आप गलत समझे । मेरा कहने का मतलब ये है कि अब कैफे में बैठ कर नहीं करूंगा बल्कि जल्दी ही अपना कंप्युटर ले कर बाकायदा धमाल मचाने कि तैयाती है.

एक नया ब्लोग :- सोचता हूँ कि अदालत से संबधित एक नया ब्लोग "कोर्ट-कचहरी " बनाऊँगा। हालांकि अभी ठीक ठीक फैसला नहीं कर पाया हूँ पर कुछ अलग सा होगा ये ब्लोग। इसमें अदालत से संबधित आम जानकारियाँ , नई तब्दीलियाँ, विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, गिरफ्तारी, जमानत, जमानती, आरोप। गवाही, फैसला, अपील, आदि के बारे में सिलसिलेवार जानकारी देने की कोशिश करूंगा॥

मौजूदा ब्लोग्स को लेखन की विधाओं के अनुसार बात्नें की कोशिस करूंगा- जैसे, हास्य, काव्य, लेख, कहानी आदि। मगर फिर सोचता हूँ कि क्या ये उनके लिए थोडा अनुचित नहीं हो जाएगा जो सिर्फ एक ब्लोग पड़ना चाहेंगे। देखता हूँ कि क्या होता है।

मंदाकिनी - एक ऐसी लडकी की कहानी जिसके पूरे जीवन का एक एक पल आज की हरेक औरत, हरेक युवती के जिन्दगी के किसी ना किसी पहलू और अनुभव को कहीं ना कहीं जरूर चूएगा। मंदाकिनी की कहानी कब शुरू होगी ये भी जल्द ही पता चल जाएगा।


किसे एक ब्लोग पर लघुकथाओं की शूरूआत भी करने की कोशिश करूंगा ।

फिलहाल तक तो ये सब सोच चुका हूँ बाकी आगे आगे तो मुझे भी देखना है कि होता क्या सब है.

5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया. नववर्ष की आपको ढेरो शुभकामना

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  2. आपको नववर्ष की ढ़ेरों बधाइयाँ…।

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  3. ईश्वर करें आपके संकल्प पूरे हों। मंगलमय हो नववर्ष ।

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  4. नए साल में आप और भी अधिक ऊर्जा और कल्पनाशीलता के साथ ब्लॉगलेखन में जुटें, शुभकामनाएँ.

    www.tooteehueebikhreehuee.blogspot.com
    ramrotiaaloo@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  5. sabhee chitthakaar mitron ko naye varsh ki shubhkaamnaayein aur mubaarakbaad.

    achha laga ye jaankar ki aap sab mere saath hain. yakeen maniye yahee protsaahan to lekhan ki vaastavik urjaa hai.

    bus aapkaa
    ajay kumar jha

    उत्तर देंहटाएं

मैंने तो जो कहना था कह दिया...और अब बारी आपकी है..जो भी लगे..बिलकुल स्पष्ट कहिये ..मैं आपको भी पढ़ना चाहता हूँ......और अपने लिखे को जानने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं से बेहतर और क्या हो सकता है भला

साथ चलने वाले

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