एक महीने की निरी लुटी , पिटी , बिचारी सी आम आदमियों वाली सरकार ने गजब की हुरहुरी मचा दी है ,
गरियाए गए और लठियाए भी गए ,
कुल दर्जन भर मुकदमा ठोंक दिहिस है भाई लोग ऊ भी एकदम्मे कानूनी , बोलिए तो लीगली लीगली जी ,
बनने से पहले से बनने से बाद तक , खुद अपने ही निकल निकल के छील रहे हैं ,
पावर देखिए , दरोगा जी को सस्पेंड कराने के लिए , अरे सस्पेंड छोडिए तबादला कराने के लिए फ़ुटपाथ पर लोटना पडा ,जबकि इत्ता तो हमारे जमाने में चौधरी जी फ़ोन पर ही करा लिया करते थे और कोई भी रे टे कर जा रहा है तो कोई सम्मन भेज के तलब कर रहा है ,
अगलों की दिक्कत ये है कि भाई लोगों ने बदलाव की बात को दिल से लगा लिया है ये सोच कर कुछ तो कर लो कि कल को बच्चे कहें कि सिर्फ़ लोकतंत्र का ट्वेंटी ट्वेंटी ही खेलते रहे या अपनी तरफ़ से भी कोई कोशिश की ....सो ठुकाई तो बनती है , पुलिस ने पूरा हाथ साफ़ किया ..हमारी पुलिस , सदैव हमारे पास , डंडा लिए ;) ;) ;) ;)
हालत देखिए :- येडा मिनिस्टर के नाम से चुना गए हैं कहीं तो ,शिंदे चचा जैसे कर्मठ गृह मंत्री तक उन्हें पागल मुख्यमंत्री कह रहे हैं , खोंख खोंख के दम फ़ूल जाता है मुदा आदमी खाने अघाने को तैयार ही नहीं है ;) ;) ;) ;)