इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

शुक्रवार, 10 सितंबर 2010

ब्लॉग्गिंग से कुछ दिनों की चाही अनचाही दूरी ......नया कम्प्यूटर ......नेट की बेवफाई ...पंजाब का भ्रमण ......और चंद बातें |

ट्रेन में बैठे गोलू और बुलबुल



पिछले दिनों की लिखी हुई पोस्टों में ये जिक्र किया था कि ...जाने अनजाने लेखन और पठन से कुछ दूरियां सी बन गयी थी , इसका कारण तो ठीक ठीक मैं भी नहीं जानता , मगर शायद कुछ तो बात थी ही रही सही कसर, लैपटौप के बीमार होने ने पूरी कर दी .....काफी तीमारदारी के बाद भी ..जब कंप्यूटर के डॉक्टर भी उसे ठीक नहीं कर सके तो फिर नए बक्से के आने की योजना बनने लगी और इस बीच जो कुछ हुआ या पिछले दिनों तक होता रहा ..........उसने कुल मिला कर कुछ इस तरह की स्थिथि पैदा कर दी कि , बस ये दूरी निरंतर बढ़ती ही चली गयी यहाँ बताते चलूँ कि , इन पिछले पंद्रह दिनों में , कमोबेश , कुल पांच बार पंजाब का दौरा करना पड़ा कार से , रेल से , और बस से भी दास्ताँ लम्बी है , और फिर पिछले दिनों की कसर भी तो पूरी करनी है इसलिए , फ़िलहाल तो आप आने वाली पोस्टों का ये फोटो शूट ही देखिये , विस्तार से बहुत ही जल्दी .........किस्तों में हम आप तक पूरी दास्ताँ पंहुचाते हैं ....


जालंधर के अड्डा होशियारपुर चौक की रसमलाई


जालंधर का माता अन्नपूर्ण मंदिर



ट्रेन में मिले , करतब दिखाते चिंटू जी



ट्रेन से लिए गए पंजाब के कुछ चित्र


मन को मोहते हरे भरे खेत

तो आपने , चित्रों को देख कर अपनी तबियत हरी तो कर ही ली होगी , बस अब कल से हम दोबारा अपनी ड्यूटी पर लग जाते हैं ..........आखिर एक ब्लॉगर को इससे ज्यादा छुट्टी नहीं लेनी चाहिए .......क्यों है न ????





24 टिप्‍पणियां:

  1. रसमलाई से नीचे खिसकने को मन ही नहीं कर रहा है भई! आगे क्या कहें :-)

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  2. वाह रसमलाई खाकर अब हम भी ट्रेन की यात्रा करने जा रहे हैं।

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  3. photos are very nice ajay and both your children look to be enjoying the ride

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  4. आपका हमेशा इंतजार रहता है हर ब्लोगर को ... शानदार रसमलाई और मनमोहक चित्रों के लिए आपका आभार...अगले पोस्ट का इंतजार है ...

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  5. अच्छा हुआ लौट के आ गए, और तस्वीरें दिखा के जला रहे हैं क्या...रुकिए रुकिए, जब हम भी जाएंगे न तब ऐसे ही फोटू दिखा के आपको जलाएंगे :)

    गोलू और बुलबुल बड़े क्यूट लग रहे हैं..

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  6. मैं भी ट्रेन में बैठकर रसमलाई और चिंटू को तलाशूंगा लेकिन अक्‍तूबर माह में।

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  7. ये बढिया किया आपने, कोई इतने दिन की गैरहाजिरी का हिसाब मांगे उसके ही उसे रसमलाई दिखा दी.:) बहुत बढिया. अब आगे के विवरण का इंतजार करते हैं.

    रामराम.

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  8. चिंटू की कहानी का इंतज़ार रहेगा !
    फोटोशूट बढ़िया रहा !

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  9. लो जी आप पांजाब हम से ज्यादा घुम आये, चित्र बहुत सुंदर लगे, कुछ बाते भी बताते मेरे जन्म स्थान के बारे, मेरी जन्म भुमि के बारे

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  10. एक कहानी व्यक्त करते आपके चित्र।

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  11. बढिया रही आपकी यात्रा।
    बच्चों को ढेर सारा प्यार और शुभाशीष

    गणेश चतुर्थी और ईद की शुभकामनाएं

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  12. रसमलाई O
    O
    O
    O
    ये मेरे मुंह से पानी टपक गया है जी
    माफ कर दीजियेगा, ब्लागपेज गीला करने के लिये।
    ज्यादा ही लंबी छुट्टी ले लिये हैं, अब निरन्तरता बनाये रखियेगा।

    प्रणाम

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  13. "विस्तार से बहुत ही जल्दी ........."

    तब तक सम्भवतः मूछ उग आए :)

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  14. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  15. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  16. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  17. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  18. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  19. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  20. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  21. वाह! खेतों में हरियाली देख मन हरा हो गया. आगे इन्तजार है, तब तक जरा रसमलाई का आनन्द लेता हूँ.

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  22. bhaai ham ras malaai pe dhyaan de yaa hariyaalee pe. bachche bahut mast lag rahe hai

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मैंने तो जो कहना था कह दिया...और अब बारी आपकी है..जो भी लगे..बिलकुल स्पष्ट कहिये ..मैं आपको भी पढ़ना चाहता हूँ......और अपने लिखे को जानने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं से बेहतर और क्या हो सकता है भला

साथ चलने वाले

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