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गुरुवार, 16 अप्रैल 2009

एक प्याली चाय

एक प्याली चाय,
अक्सर मेरे,
भोर के सपनों को तोड़,
मेरी अर्धांगिनी,
के स्नेहिल यथार्थ की,
अनुभूति कराती है॥

एक प्याली चाय,
अक्सर,
बचाती है,
मेरा मान, जब,
असमय और अचानक,
आ जाता है,
घर कोई॥

एक प्याली चाय,
अक्सर,
बन जाती है,
बहाना,
हम कुछ ,
दोस्तों के,
मिल बैठ,
गप्पें हांकने का..

एक प्याली चाय,
अक्सर ,
देती है,
साथ मेरा,
रेलगाडी के,
बर्थ पर भी..

एक प्याली चाय,
अक्सर मुझे,
खींच ले जाती है,
राधे की,
छोटी दूकान पर,
जहाँ मिल जाता है,
एक अखबार भी पढने को॥

एक प्याली चाय,
कितना अलग अलग,
स्वाद देती है,
सर्दी में, गरमी में,
और रिमझिम ,
बरसात में भी॥

एक प्याली चाय,
को थामा हुआ,
है मैंने,या की,
उसने ही ,
थाम रखी है,
मेरी जिंदगी,
मैं अक्सर सोचता हूँ ......

11 टिप्‍पणियां:

  1. रूप चाय के हैं कई अच्छा किया बखान।
    नहीं मिले तो मुश्किलें चाय मिले वरदान।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
    कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. सचमुच बहुत काम की है ये एक प्‍याली चाय ... बखूबी अभिव्‍यक्ति दी है आपने ... बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  3. कभी लगता है कि चाय से ही जीवन है। हालाँकि पिछले 17 बरस से नहीं पी है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. चाय के बिना तो ज़िन्दगी अधुरी है.......

    उत्तर देंहटाएं
  5. aap logon kaa bahut bahut dhanyavaad, padhne aur saraahne ke liye bhee, dinesh jee kamal hai aapne satrah varshon se chaay nahin pee hai to kya nimbu panee lete hain....

    उत्तर देंहटाएं
  6. एक प्याली चाय..

    थामे थामे पढ़ गये..
    अब टिपिया रहे हैं..

    -क्या क्या रंग हैं भई इसके.

    उत्तर देंहटाएं
  7. चुस्कियाँ जिंदगी की....

    आहहाहाहा, बहुत खूब अजय जी

    उत्तर देंहटाएं
  8. bahut khoob.

    kaka hathrasi kah hi gaye hain -
    "ekhi sadhe sab sadhe sab sadhe sab jaay
    doodh dahi phal anna jal chhod pijiye chaay."

    उत्तर देंहटाएं

मैंने तो जो कहना था कह दिया...और अब बारी आपकी है..जो भी लगे..बिलकुल स्पष्ट कहिये ..मैं आपको भी पढ़ना चाहता हूँ......और अपने लिखे को जानने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं से बेहतर और क्या हो सकता है भला

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