
जब से कैटल क्लास वाला एतिहासिक बयान थरूर जी ने दिया....उनकी तो जो फ़जीहत हुई सो हुई...बांकी मंत्रियों की भी शामत टाईप की आ गयी है....कभी बचत के नाम पर तो कभी जनता से मिलन के नाम पर ..कोई किसी झुग्गी में जाकर ..दाल ....अरे रे...नहीं नहीं ..दाल नहीं.....पता नहीं ...क्या क्या के साथ रोटी खा रह है....तो कोई...किसी के यहां पानी पी पी के पता नहीं...क्या साबित कर रहा है....ओह हो सकता है कि ..ये चांद मिंया के लिये मैसेज हो कि ..देखिये हमारे यहां पानी की कमी नहीं है...बस हमें ही इन गरीबों के पास आने की फ़ुर्सत नहीं है..। मगर ये अब उनकी फ़ूटी किस्मत का ही कमाल है कि...उनके इन प्रयासों को भी तारीफ़ कम ..ढोकसला/ढोंग और इसी तरह के तमाम विशेषणों से नवाजा जा रहा है। अब ये तो उनके कमाये हुए पुण्य का ही प्रताप है कि ..उनके काम को इस तरह से ऐसी सराहना मिल रही है। इश्वर उन्हें इसी तरह सारा क्रेडिट देता रहे। मगर मंत्री जी ....आप लोग तो बेकार इस झंझट में पडे हो । पब्लिक अब उतनी बुडबक नहीं रही है जी..। फ़ट से समझ जाती है ..कि आप लोग रामलीला खेल रहे हो ..और पब्लिक ने ....रामानंद सागर जी के रामायण के बाद इसमें इंट्रेस्ट दिखाना छोड दिया है । अरे इसमें निराश होने की बात ही नहीं है ..देखिये हमारे पास कितना सरल उपाय है आपके लिये.........
एक एक करके आप सबको अपने विभाग के हिसाब से बताते हैं.......
रक्षा मंत्री जी....आप तो बस इतना ही किजीये कि अपने पुत्र/पुत्री/भाई/भतीजे...किसी को सेना में भर्ती करवा के ..सीमा पर तैनाती करवाईये...इश्वर न करे ..वो शहीद न भी हो तो भी ..कम से कम उनका दर्द तो आपको अपने घर में ही महसूस हो सकेगा...और यदि शहीद के पिता/माता होने का गर्व आपको कभी मिल गया...तो समझ जाइए कि देश के सभी शहीदों ..को जो ये पेट्रोल पंप और ..पता नहीं कौन कौन से झुनझुने आप पकडा देते हैं न..उनकी खनक आपके कान में सुनाई देगी....बस ..इतना सा काम करना है...
शिक्षा मंत्री जी......आपके लिये तो और भी आसान है जी...बस अपने बच्चों को आप सरकारी स्कूलों में ही दाखिला करवाओ....देखना जब आप के बच्चे ...खुद आपको आंखों देखा हाल सुनायेंगे न तो...ये तो सबसे तेज़ चैनल के एक्सक्लुसिव न्यूज़ से भी ज्यादा एक्सक्लुसिव होगा...कोई दौरा नहीं...किसी रपट की जरूरत नहीं...सब अपने आप आपके सामने आ जायेगा....
परिवहन मंत्री जी और रेल मंत्री जी .....आप लोगों के लिये बस इतना ही कि ...कभी सरकारी बस ..अजी आपकी अपनी में भी कभी अपने घर से दफ़्तर जाईये...यकीन मानिये..उसी दिन जाने कितनी नयी योजनायें बना लेंगे आप....और रेल मंत्री जी के लिये भी ...आप कभी पूजा के समय में...या ऐसे ही किसी समय...लाईन में खडे होकर जेनरल का टिकट लेकर ...साधारण डिब्बे में बस एक बार..भूजा चना फ़ांकते हुए घर तक पहुंच कर दिखा दिजीये....देखिये रेल के सारे फ़ायदे....आपको नुकसान की तरह लगने लगेंगे...
अब किन किन मंत्री जी के लिये अलग अलग एप्लीकेशन भरते रहें...चलिये इन जेनरल कुछ अर्ज़ किये द्ते हैं जी..
आप सब लोग ई फ़ाईनल कर लिजीये कि ....अपने कार्यकाल के दौरान ..कम से कम इतने दिन आप अपने लोगों के बीच रहेंगे...यानि अपने कार्यक्षेत्र में...और उतने दिन रहना ही पडेगा....सबको...
संसद सत्र के लिये आप कितने /क्या /कैसे ....तैयार हैं....वो कौन कौन से मुद्दे/प्रश्न/समस्यायें/बातें हैं जो आप हमारे लिये उठाने जा रहे हैं।उस पर आपका नज़रिया/एजेंडा...क्या है..ये पहले ही बताते जाईये...
ये जो आपके पास हमारे कल्याण के लिये ..फ़ंड जैसा एक घपलेबाजी का औजार दिया गया है...उसे आप कब कैसे कहां कितना उपयोग करने जा रहे हैं.....?
बस इत्ता इत्ता काम कर लिया न तो .......ई सब उपर वाला सो काल्ड ढकोसला करने की जरूरत ही नहीं रहेगी....समझे न ......चलिये फ़िर लिखेंगे एक ठो चिट्ठी ...अभी चलते हैं...