इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

अलविदा वर्ष २०१० , अब अगले साल से नए अड्डे पर मिला करेंगे ......अजय कुमार झा


जी हां आज जब इस ब्लॉग पर ये पोस्ट लिखने बैठा हूं तो समझ ही नहीं पा रहा हूं कि मन कैसा सा हो रहा है । नहीं इसलिए नहीं कि अब इस वर्ष की ब्लॉग की पढाई लिखाई और टिपाई भी तो हो गई ..अब चलें देखें कि अगले बरस क्या नया , और क्या पुराना ही नए चेहरे के साथ सामने आता है । हां फ़िलहाल जिस दौर से हिंदी ब्लॉगजगत गुज़र रहा है उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाला समय इस समय से जरूर ही बेहतर होगा । और देखिए न जिस तरह से जरूरत रास्ता खुद ब खुद बना लेती है । आज हिंदी ब्लॉगजगत के पास कोई भी ऐसा एग्रीगेटर नहीं है जो हिंदी ब्लॉग पोस्ट को अपने आप पाठकों के पास ले आए । मगर फ़िर भी पाठक पढ रहे हैं , और क्या खूब पढ रहे हैं कुछ भी आसामान्य नहीं लग रहा है । लेकिन जरूरी नहीं कि सबके साथ ही ऐसा हो लेकिन बहुत जल्दी ही आप इस समस्या से भी पार पा ही लेंगे या तो एग्रीगेटर्स पुन: आ जाएंगे , पुराने न सही नए ही सही ....या फ़िर बुरी से बुरी परिस्थितियों में क्या होगा ..आपको तलाश तलाश कर पढने की आदत लग जाएगी ।

इस बीच कई मित्रों के ब्लॉग्स के गायब होने की सूचनाएं भी आने लगीं , शुक्र ये था कि ये ज्यादा नहीं हुआ और बात आराम से संभल ही गई । मगर शायद होनी ने इसी समय के लिए ये तय कर रखा था कि मैं पिछले काफ़ी समय से टालते आ रहे एक काम को अब अंजाम तक पहुंचा दूं । जी हां मेरी निर्माणाधीन साईट पर अपने सभी ब्लॉग को ले जाने का तथा भविष्य में वही अड्डा जमाने का । बीच में सोने पर सुहागा ये हुआ कि , पाबला जी के दिल्ली प्रवास ने इस योजना को अमली जामा पहनाने में और भी त्वरित कर दिया । और फ़िर मेरे सभी हिंदी ब्लॉग पोस्टों को टिप्पणी समेत यहां पर पहुंचाने का काम शुरू हुआ । अगले कुछ दिन मुझे इन पोस्टों को कैटेगराईज़्ड करना था , जो अब तक चल ही रहा है । और इसके साथ ही अपनी पोस्टों को वहां न सिर्फ़ प्रकाशित करना था बल्कि पाठकों को वहां तक पहुंचाना भी । इस काम में मेरी मदद की मेरे सोशल नेटवर्किंग साईट ने जहां मैं इनकी
जानकारी देता रहा और अब भी दे रहा हूं इसके अलावा सभी एग्रीगेटर्स से इस साईट को जोडने का कार्य भी ।


ब्लॉगर से अपने डोमेन पर पहुंचने के पीछे कोई एक ही मकसद गिना दूं तो शायद ठीक नहीं होगा । दिमाग में नित नए पनपते विचारों ने ब्लॉग्स की संख्या एक दर्जन तक पहुंचा दी थी पहले ही , तिसपर दिक्कत ये कि अभी तो ये आधा भी नहीं हुआ था जितना मैंने सोचा था देने की । तो फ़िर ज्यादा सामग्री एक ही स्थान पर समेटने का इससे बेहतर और कोई उपाय मुझे नहीं दिखा । फ़िलहाल तो ब्लॉगिंग सैक्शन पर ही काम चल रहा है । इसके बाद अभी तक की योजना के अनुसार तो एक फ़ोटोग्राफ़ी सैक्शन जिसमें अपने द्वारा खींची गई फ़ोटोस लगाने का मौका मिलेगा , एक ऑनलाईन उपन्यास , जिसका एक पन्ना रोज़ पाठकों के लिए आएगा , एक पॉड्कास्टिंग सेक्शन , अपनी ही आवाज़ में अपनी ही पंक्तियां सुनवाऊंगा , विधि की जानकारियों के लिए एक पन्ना ....और जाने क्या क्या जो अभी नहीं सोच पाया हूं। तो ये तो लगभग तय है कि अब लेखन के लिए मैं इसी मंच का प्रयोग करूंगा । उम्मीद करता हूं कि जब वर्ष २०११ की आखिरी तारीख को जब मुड कर देखूंगा तो बहुत कुछ मिलेगा इसमें से मुझे भी ।

इसलिए सबसे पहले तो आप सबसे यही आग्रह करूंगा कि , मेरे इस नए पन्ने पर पहुंचे और उसके साथी (फ़ौलोवर ) बन कर अपनी अंतर्जालीय पसंद में स्थान देने की कृपा करें , ताकि कम से कम आप मुझे अपने डैशबोर्ड पर सीधे ही पा सकें ।फ़िलहाल तो इसी आग्रह के साथ यहां से विदा चाहता हूं कि , इस पगडंडी तक आने के बाद आप उस कच्चे रास्ते पर चले ही आएंगे ..आएंगे न ??


आप सबको नव वर्ष के शुभआगमन पर बहुत बहुत शुभकामनाएं ।

33 टिप्‍पणियां:

  1. आपके नए प्रोजेक्ट के लिए शुभकामनायें ।
    नव वर्ष मंगलमय हो ।

    नव वर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपके नए प्रोजेक्ट व नव वर्ष २०११ की हार्दिक शुभकामना

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपका प्रोजेक्ट- २०११ सफल हो ...नववर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  4. तरूण जी,

    आप को भी नववर्ष की
    हार्दिक शुभकामनाएँ !
    ब्लॉग के स्वतत्र प्लॉट की बधाई!!
    आपके सभी संकल्प सफल हों।

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपके नए प्रोजेक्ट के लिए शुभकामनायें ।

    अनगिन आशीषों के आलोकवृ्त में
    तय हो सफ़र इस नए बरस का
    प्रभु के अनुग्रह के परिमल से
    सुवासित हो हर पल जीवन का
    मंगलमय कल्याणकारी नव वर्ष
    करे आशीष वृ्ष्टि सुख समृद्धि
    शांति उल्लास की
    आप पर और आपके प्रियजनो पर.

    आप को सपरिवार नव वर्ष २०११ की ढेरों शुभकामनाएं.
    सादर,
    डोरोथी.

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपके नए प्रोजेक्ट के लिए शुभकामनायें ।
    नव वर्ष मंगलमय हो ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. दुआ करें कि इस साल कोई कहीं गायब न हो शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  8. 2011 का आगामी नूतन वर्ष आपके लिये शुभ और मंगलमय हो,
    हार्दिक शुभकामनाओं सहित...

    उत्तर देंहटाएं
  9. नववर्ष आपके लिए मंगलमय हो और आपके जीवन में सुख सम्रद्धि आये…एस.एम् .मासूम

    उत्तर देंहटाएं
  10. बस इतना ही कह सकता हूँ ...

    इस रिश्ते को यूँही बनाये रखना,
    दिल में यादो के चिराग जलाये रखना,
    बहुत प्यारा सफ़र रहा 2010 का,
    अपना साथ 2011 में भी बनाये रखना!
    नव वर्ष की शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुदूर खूबसूरत लालिमा ने आकाशगंगा को ढक लिया है,
    यह हमारी आकाशगंगा है,
    सारे सितारे हैरत से पूछ रहे हैं,
    कहां से आ रही है आखिर यह खूबसूरत रोशनी,
    आकाशगंगा में हर कोई पूछ रहा है,
    किसने बिखरी ये रोशनी, कौन है वह,
    मेरे मित्रो, मैं जानता हूं उसे,
    आकाशगंगा के मेरे मित्रो, मैं सूर्य हूं,
    मेरी परिधि में आठ ग्रह लगा रहे हैं चक्कर,
    उनमें से एक है पृथ्वी,
    जिसमें रहते हैं छह अरब मनुष्य सैकड़ों देशों में,
    इन्हीं में एक है महान सभ्यता,
    भारत 2020 की ओर बढ़ते हुए,
    मना रहा है एक महान राष्ट्र के उदय का उत्सव,
    भारत से आकाशगंगा तक पहुंच रहा है रोशनी का उत्सव,
    एक ऐसा राष्ट्र, जिसमें नहीं होगा प्रदूषण,
    नहीं होगी गरीबी, होगा समृद्धि का विस्तार,
    शांति होगी, नहीं होगा युद्ध का कोई भय,
    यही वह जगह है, जहां बरसेंगी खुशियां...
    -डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

    नववर्ष आपको बहुत बहुत शुभ हो...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  12. नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनायें!

    पल पल करके दिन बीता दिन दिन करके साल।
    नया साल लाए खुशी सबको करे निहाल॥

    उत्तर देंहटाएं
  13. मैं दोस्ती को उसकी निभानें में रह गया
    वो चाहतों का खून बहानें में रह गया
    मिलती है सिर्फ दर्द की सौगात आज कल
    बदला यही वफ़ा का जमानें में रह गया

    उत्तर देंहटाएं
  14. आप सभी को नए साल की मुबारकबाद अल्लाह आपकी जिन्दगी को खुशियों से भर दे http://aapkiamanat.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  15. नये वर्ष की असीम-अनन्त शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  16. Nice post .
    आदाब ! आपके लिए नया साल अच्छा गुज़रे ऐसी हम कामना करते हैं। आप ने अच्छी पोस्ट बनाई है , सराहना पड़ेगा ,
    सचमुच !
    आपकी जिज्ञासाओं को शांत करेगी


    प्यारी मां

    बड़ी दर्द भरी है ये दास्तान !!
    यह सच है कि आज इंसान दुखी परेशान और आतंकित है लेकिन उसे दुख देने वाला भी कोई और नहीं है बल्कि खुद इंसान ही है ।
    आज इंसान दूसरों के हिस्से की खुशियां भी महज अपने लिए समेट लेना चाहता है । यही छीना झपटी सारे फ़साद की जड़ है ।
    एक दूसरे के हक को पहचानौ और उन्हें अदा करो अमन चैन रहेगा । जो अदा न करे उसे व्यवस्था दंड दे ।
    लेकिन जब व्यवस्था संभालने वाले ज़ालिमों को दंड न देकर ख़ुद पक्षपात करें तो अमन चैन ग़ारत हो जाता है । आज के राजनेता ऐसे ही हैं । देश को आज तक किसी आतंकवादी से इतना नुक़्सान नहीं पहुंचा जितना कि इन नेताओं से पहुंच रहा है । ये नेता देश की जनता का विश्वास देश की व्यवस्था से उठा रहे हैं ।
    बचेंगे ये ख़ुद भी नहीं ।

    आप ने जो बात कही है उसे अगर ढंग से जान लिया जाए तो भारत के विभिन्न समुदायों का विरोधाभास भी मिट सकता है और अब तो अलग अलग दर्जनों चीजों की पूजा करने वाले भी कहने लगे हैं कि सब चीजों का मालिक एक है ।
    अब मैं चाहता हूं कि सही ग़लत के Standard scale को भी मान लिया जाना चाहिए ।

    उत्तर देंहटाएं
  17. आप बहुत अच्छा लिखते हैं..... मैंने आपको आराधना जी के ब्लॉग पर भी पढ़ा...काफी अच्छा लगा.....

    उत्तर देंहटाएं
  18. जनाब जाकिर अली साहब की पोस्ट "ज्‍योतिषियों के नीचे से खिसकी जमीन : ढ़ाई हजा़र साल से बेवकूफ बन रही जनता?" पर निम्न टिप्पणी की थी जिसे उन्होने हटा दिया है. हालांकि टिप्पणी रखने ना रखने का अधिकार ब्लाग स्वामी का है. परंतु मेरी टिप्पणी में सिर्फ़ उनके द्वारा फ़ैलाई जा रही भ्रामक और एक तरफ़ा मनघडंत बातों का सीधा जवाब दिया गया था. जिसे वो बर्दाश्त नही कर पाये क्योंकि उनके पास कोई जवाब नही है. अत: मजबूर होकर मुझे उक्त पोस्ट पर की गई टिप्पणी को आप समस्त सुधि और न्यायिक ब्लागर्स के ब्लाग पर अंकित करने को मजबूर किया है. जिससे आप सभी इस बात से वाकिफ़ हों कि जनाब जाकिर साहब जानबूझकर ज्योतिष शाश्त्र को बदनाम करने पर तुले हैं. आपसे विनम्र निवेदन है कि आप लोग इन्हें बताये कि अनर्गल प्रलाप ना करें और अगर उनका पक्ष सही है तो उस पर बहस करें ना कि इस तरह टिप्पणी हटाये.

    @ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा "और जहां तक ज्‍योतिष पढ़ने की बात है, मैं उनकी बातें पढ़ लेता हूँ,"

    जनाब, आप निहायत ही बचकानी बात करते हैं. हम आपको विद्वान समझता रहा हूं पर आप कुतर्क का सहारा ले रहे हैं. आप जैसे लोगों ने ही ज्योतिष को बदनाम करके सस्ती लोकप्रियता बटोरने का काम किया है. आप समझते हैं कि सिर्फ़ किसी की लिखी बात पढकर ही आप विद्वान ज्योतिष को समझ जाते हैं?

    जनाब, ज्योतिष इतनी सस्ती या गई गुजरी विधा नही है कि आप जैसे लोगों को एक बार पढकर ही समझ आजाये. यह वेद की आत्मा है. मेहरवानी करके सस्ती लोकप्रियता के लिये ऐसी पोस्टे लगा कर जगह जगह लिंक छोडते मत फ़िरा किजिये.

    आप जिस दिन ज्योतिष का क ख ग भी समझ जायेंगे ना, तब प्रणाम करते फ़िरेंगे ज्योतिष को.

    आप अपने आपको विज्ञानी होने का भरम मत पालिये, विज्ञान भी इतना सस्ता नही है कि आप जैसे दस पांच सिरफ़िरे इकठ्ठे होकर साईंस बिलाग के नाम से बिलाग बनाकर अपने आपको वैज्ञानिक कहलवाने लग जायें?

    वैज्ञानिक बनने मे सारा जीवन शोध करने मे निकल जाता है. आप लोग कहीं से अखबारों का लिखा छापकर अपने आपको वैज्ञानिक कहलवाने का भरम पाले हुये हो. जरा कोई बात लिखने से पहले तौल लिया किजिये और अपने अब तक के किये पर शर्म पालिये.

    हम समझता हूं कि आप भविष्य में इस बात का ध्यान रखेंगे.

    सदभावना पूर्वक
    -राधे राधे सटक बिहारी

    उत्तर देंहटाएं
  19. एकाधिक ब्लॉगों पर सक्रियता और फिर उनका प्रबंधन एक समस्या है। मैं स्वयं भी किसी डोमेन पर जाना चाहता हूं पर थोड़ी तकनीकी सहायता चाहिए होगी। पाबला साहब आए तो थे मगर व्यस्तता के कारण उनसे यह सहयोग ले नहीं पाया। फिर कभी सही।
    नए डोमेन पर आपकी सक्रियता की प्रतीक्षा है।

    उत्तर देंहटाएं
  20. अजय रसबतिया में आपका दिल से स्वागत है ,रसबतिया का रसिक बनने के लिए धन्यवाद
    आप तो ब्लॉग के एक्टिविस्ट हैं पैश्शैन से काम करते हैं । सबका ध्यान भी रखते हैं

    उत्तर देंहटाएं
  21. अजय जी 'मनसा वाचा कर्मणा'पर आपने दर्शन दिए ,बहुत सुखद लगा .कृपया, समय समय पर मूल्यवान वैचारिक दान से अनुग्रहित करते रहिएगा .

    उत्तर देंहटाएं
  22. नए डेरे पर कब पधार रहे हैं झा जी ?

    उत्तर देंहटाएं
  23. शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड देखे.......http://shakuntalapress.blogspot.com/2011/03/blog-post_14.html क्यों मैं "सिरफिरा" था, "सिरफिरा" हूँ और "सिरफिरा" रहूँगा! देखे.......... http://sach-ka-saamana.blogspot.com/2011/03/blog-post_14.html

    आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-अगर आपको समय मिले तो कृपया करके मेरे (http://sirfiraa.blogspot.com , http://rksirfiraa.blogspot.com , http://shakuntalapress.blogspot.com , http://mubarakbad.blogspot.com , http://aapkomubarakho.blogspot.com , http://aap-ki-shayari.blogspot.com , http://sachchadost.blogspot.com, http://sach-ka-saamana.blogspot.com , http://corruption-fighters.blogspot.com ) ब्लोगों का भी अवलोकन करें और अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं # निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन:9868262751, 9910350461

    उत्तर देंहटाएं
  24. दोस्तों! अच्छा मत मानो कल होली है.आप सभी पाठकों/ब्लागरों को रंगों की फुहार, रंगों का त्यौहार ! भाईचारे का प्रतीक होली की शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन परिवार की ओर से हार्दिक शुभमानाओं के साथ ही बहुत-बहुत बधाई!

    आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-अगर आपको समय मिले तो कृपया करके मेरे (http://sirfiraa.blogspot.com , http://rksirfiraa.blogspot.com , http://shakuntalapress.blogspot.com , http://mubarakbad.blogspot.com , http://aapkomubarakho.blogspot.com , http://aap-ki-shayari.blogspot.com , http://sachchadost.blogspot.com, http://sach-ka-saamana.blogspot.com , http://corruption-fighters.blogspot.com ) ब्लोगों का भी अवलोकन करें और अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं

    उत्तर देंहटाएं
  25. बधाइयाँ और शुभकामनायें - नए मिशन हेतु ...

    उत्तर देंहटाएं

मैंने तो जो कहना था कह दिया...और अब बारी आपकी है..जो भी लगे..बिलकुल स्पष्ट कहिये ..मैं आपको भी पढ़ना चाहता हूँ......और अपने लिखे को जानने के लिए आपकी प्रतिक्रियाओं से बेहतर और क्या हो सकता है भला

साथ चलने वाले

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...