का बात है झा बाबु, सब कुछ एक्सक्लूसिव है ,लगता है आप भी इंडिया टी वी से इंस्पायर हो गए हैं, जहाँ कभी भगवान् अवतार ले लेते हैं, तो कभी भूत प्रकट हो जाते हैं, और वो भी एक्सक्लूसिव, बस बेचारों को इंसानों से जुडी कोई ख़बर ही नहीं मिलती, क्यों ? कहिये क्या क्या ख़बर है आज, सुना है की आज तो आप लोगों पर एक और टैप जारी हुआ है जिसमें राज फाश किया गया है की आप भैया लोगों को केक बना कर काटा जा रहा है , ऊ भी चाकू लहरा लहरा के।
अरे नहीं भाई, इस बात को इतना सेरिअस्ली लेने का कौनो जरूरत नहीं है, दरअसल हम लोग बहुत पहले से ई बात सोचे थे की अपना प्रेम किसी न किसी माध्यम से जरूर दिखाएँगे। जैसे अब लीजिये हमारे प्रोग्राम सुनिए, हम लोग जल्दी ही एक लिट्टी बनाने जा रहे हैं, ( भैया लोग लिट्टी समझ गए होंगे ) जिसके अन्दर सुआ घुसा घुसा कर उसको इतनी देर तक आग पर पकाएंगे की पूरा प्रेम जग जाहिर हो जायेगा, मगर उसका टैप सिर्फ़ इंडिया टी वी को ही मिलेगा, आख़िर ऊ हमारे मीडिया पार्टनर हैं न।
सीरियल पिक्चर खुलवाओ न राज भाई
सर सुना है कि, कुछ सीरियल पिक्चर को लेकर भी आपकी कोई कहबर एक्सक्लूसिव नेउस है,
हाँ , भाई, दरअसल हमरे मित्र बालाजी यादव ( अरे टेली फिल्म्स वाले नहीं ) बहुत परेशान हैं भाई, आकर कहने लगे, का बताएं भैया झाजी, ई ससुरा सेरिअल्वा सब जब से बाद हुआ है घर में रोज ही क्लेश रहने लगा है,
हमें आश्चर्य हुआ, हमने कहा , क्यों अब तो उल्टे शांती रहेनी चाहिए थी।
अरे कहाँ, दरअसल पहले माता जी और श्रीमती जी सीरियल की कहानी और पात्रों को लेकर, उनके चक्कर और शादी वैगेरह को लेकर ही बात करती थी, अब कुछ आ नहीं रहा इसलिए आपस में भिड जाती हैं जब तब। हमने तो इसका उपाय भी निकाला और सबको लेकर चले गए पिक्चर देखने, कोई विद्रोही, वतन द्रोही नाम की ;पिक्चर लगी थी,
कमाल है , हाँ भाई अब इस समय कोई देशभक्त , और क्रांतिकारियों पर पिक्चर तो बनने से रहा।
अरे सुनिए तो , पिक्चर भी नहीं देख पाये, सुना है किसी ने बंद करवा दी है। पता चला कि ई सब आपके मित्र का किया धारा है, काहे , ई सब राज की बात है।
देखिये, हमें तो नहीं लगता कि ऊ ई सीरियल और पिक्चर सब खुलवा पायेंगे।ई सब से उन्क्य क्या लेना देना ?
ई तो आप हमें ठग रहे हैं, आप ही बताइये, जेट वाला हड़ताल से उनका का लेना देना था, वही खुलवाये थे न, हमें तो पता चला है कि हड़ताल खुलवाने में वो इतने एक्सपर्ट हो गए हैं कि सरकार उनको औथोराईज्द हड़ताल खोलू का लाईसंस देने जा रही है।
देखिये हम सीरियल सब तो चालू करवा देंगे ,मगर ऊ सब हिन्दी में नहीं होगा, दोस्त को हिन्दी समझ में नहीं आती है इसलिए कहिये तो मराठी में चालू करवा दें.............
बाल दिवस पर लकी नहीं लखी
इतने में मीडिया पार्टनर आ गए, कहे झा जी आज बाल दिवस पर कुछ नहीं कहे आप, देखिये तो बच्चा सब कितना लकी है आज, कितना सारा सुविधा, कितना ग्लैमर, पैसा मिल रहा है, है कि नहीं लकी।
बस बेटा बहुत हुआ, लकी नहीं लखी है ( आपको बताते चलें कि लखी एक नाबालिग बच्ची है जिसे हाल ही में उसके मालिक और मालकिन ने बुरी तरह मारा पीता, ख़बर भी सब तरफ़ आयी मगर उनका कुछ हुआ नहीं, हमेशा कि तरह ), तुम लोगों को हर घर में एक लकी के साथ बुधिया, चम्पू, छोटू, ननकू, जैसे लखी भी मिल जायेंगे।
मगर सर, आख़िर क़ानून को ये बाल मजदूर दिखाई क्यों नहीं देते ?
यार तुम भी कमाल करते हो, जब कानून को लंबे चौडे, तगडे , मुजरिम दिखाई नहीं देते तो फ़िर इन बेचारे बाल मजदूरों का तो साईज ही छोटा है।
चलिए अब बंद कीजिये ई अपना ब्रेकिंग न्यूज़